गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · देहरादून · सूर्योदय 06:29 · सूर्यास्त 17:33
दिन का चौघड़िया
- शुभशुभ06:29 – 07:52
- रोगअशुभ07:52 – 09:15
- उद्वेगअशुभ09:15 – 10:38
- चरसामान्य10:38 – 12:01
- लाभशुभ12:01 – 13:24
- अमृतशुभ13:24 – 14:47
- कालअशुभ14:47 – 16:10
- शुभशुभ16:10 – 17:33
रात का चौघड़िया
- अमृतशुभ17:33 – 19:10
- चरसामान्य19:10 – 20:47
- रोगअशुभ20:47 – 22:24
- कालअशुभ22:24 – 00:01
- लाभशुभ00:01 – 01:38
- उद्वेगअशुभ01:38 – 03:16
- शुभशुभ03:16 – 04:53
- अमृतशुभ04:53 – 06:30
अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने जाते हैं; चर सामान्य; रोग, काल और उद्वेग में नए कार्य टालने की परंपरा है।
ऊपर अपना शहर चुनें और आज का दिन व रात का चौघड़िया देखें। हर चौघड़िया के साथ बताया गया है कि वह शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है, और अभी कौन-सा चौघड़िया चल रहा है वह अलग से दिखता है।
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया शुभ समय देखने की एक सरल और लोकप्रिय पद्धति है, जिसका गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर भारत में खूब उपयोग होता है। दुकान खोलना, नया सामान खरीदना, यात्रा पर निकलना या कोई नया काम शुरू करना हो, तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर समय तय करते हैं।
चौघड़िया के 7 प्रकार
| चौघड़िया | स्वामी ग्रह | फल |
|---|---|---|
| अमृत | चंद्र | शुभ — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम |
| शुभ | गुरु | शुभ — विवाह, पूजा, धार्मिक कार्य |
| लाभ | बुध | शुभ — व्यापार, पढ़ाई, नया काम |
| चर | शुक्र | सामान्य — यात्रा के लिए अच्छा |
| रोग | मंगल | अशुभ — नए कार्य टालें |
| काल | शनि | अशुभ — नए कार्य टालें |
| उद्वेग | सूर्य | अशुभ — नए कार्य टालें, सरकारी काम में मान्य |
चौघड़िया की गणना कैसे होती है?
- दिन का चौघड़िया: सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है।
- रात का चौघड़िया: सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय को 8 भागों में बाँटा जाता है।
- दिन का पहला चौघड़िया उस वार के स्वामी ग्रह से शुरू होता है — जैसे रविवार उद्वेग से, सोमवार अमृत से, बुधवार लाभ से — और फिर एक तय क्रम में आगे बढ़ता है।
इसी कारण हर चौघड़िया लगभग डेढ़ घंटे का होता है, और इसका समय हर शहर और हर मौसम में बदलता है। ऊपर का टूल आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से सही समय निकालता है।
किस काम के लिए कौन-सा चौघड़िया?
- नई दुकान या व्यापार की शुरुआत: लाभ या अमृत
- वाहन, सोना या संपत्ति की खरीद: अमृत, शुभ या लाभ
- यात्रा: चर (और अमृत, शुभ, लाभ भी)
- पूजा, विवाह, धार्मिक कार्य: शुभ या अमृत
चौघड़िया और राहुकाल — दोनों देखें
शुभ चौघड़िया के बीच भी राहुकाल पड़ सकता है। परंपरा के अनुसार बड़े कार्यों के लिए दोनों देखकर ऐसा समय चुना जाता है जो शुभ चौघड़िया में हो और राहुकाल से बाहर हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चौघड़िया और मुहूर्त में क्या अंतर है?
मुहूर्त पंचांग के कई अंगों (तिथि, नक्षत्र, योग आदि) से निकाला जाता है, जबकि चौघड़िया केवल वार और सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित एक तेज़ और आसान पद्धति है।
क्या रात का चौघड़िया भी मान्य है?
हाँ। रात में यात्रा या किसी कार्य के लिए रात का चौघड़िया देखा जाता है। यह पेज दिन और रात दोनों का चौघड़िया दिखाता है।
विदेश में रहने वाले कैसे देखें?
ऊपर शहर की सूची में लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो, दुबई, सिंगापुर, सिडनी जैसे शहर दिए गए हैं — समय वहीं के स्थानीय समय में दिखेगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण के लिए आज का पंचांग देखें।