आज का विशेष
जय श्री राम · आपका दिन शुभ हो
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आज का विचार
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि।
जैसे मनुष्य पुराने कपड़े छोड़कर नए पहनता है, वैसे ही आत्मा पुराना शरीर छोड़कर नया धारण करती है।
— श्रीमद्भगवद्गीता 2.22प्रमुख मंदिर
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