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मंगलवार, 3 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण नवमी · वि.सं. 2083 आज का पंचांग → हिंदीEnglish
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आज चाँद कब निकलेगा — चंद्रोदय समय

इस टूल से जानें कि आज चाँद कब निकलेगा — अपना शहर और तारीख चुनते ही चंद्रोदय का समय (Moonrise Time Today) और चंद्रास्त (Moonset) का समय तुरंत दिख जाता है। साथ में चंद्रोदय के समय की तिथि और पक्ष, चंद्रमा कितने प्रतिशत प्रकाशित है, चंद्रमा किस राशि और नक्षत्र में है, और अगले 15 दिनों की तालिका भी मिलती है — जिसमें संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ और पूर्णिमा जैसे दिन अलग से चिह्नित होते हैं। व्रत खोलने से पहले “चाँद कितने बजे निकलेगा” यह जानने के लिए यह पेज सबसे काम का है।

दिल्ली · 3 नवंबर 2026, मंगलवार

चंद्रोदय: रात 12:41आज दिल्ली में चाँद रात 12:41 बजे निकलेगा
चंद्रोदयरात 12:41
चंद्रास्तदोपहर 2:02
तिथि (चंद्रोदय के समय)नवमीकृष्ण पक्ष
चाँद कितना चमकेगा40%घटता चाँद
चंद्र राशि · नक्षत्रकर्क · आश्लेषा

अगले 15 दिन का चंद्रोदय — दिल्ली

तारीखतिथि (सूर्योदय)चंद्रोदयचंद्रास्त
3 नवं, मंनवमी (कृ.)रात 12:41दोपहर 2:02
4 नवं, बुदशमी (कृ.)रात 1:43दोपहर 2:34
5 नवं, गुएकादशी (कृ.)रात 2:42दोपहर 3:05
6 नवं, शुद्वादशी (कृ.)रात 3:40दोपहर 3:35
7 नवं, शनत्रयोदशी (कृ.)सुबह 4:38शाम 4:06
8 नवं, रवचतुर्दशी (कृ.)सुबह 5:36शाम 4:39
9 नवं, सोअमावस्यासुबह 6:35शाम 5:15
10 नवं, मंप्रतिपदा (शु.)सुबह 7:33शाम 5:56
11 नवं, बुद्वितीया (शु.)सुबह 8:31शाम 6:42
12 नवं, गुतृतीया (शु.)सुबह 9:25रात 7:32
13 नवं, शुचतुर्थी (शु.)सुबह 10:16रात 8:26
14 नवं, शनपंचमी (शु.)सुबह 11:01रात 9:22
15 नवं, रवषष्ठी (शु.)सुबह 11:41रात 10:18
16 नवं, सोसप्तमी (शु.)दोपहर 12:16रात 11:14
17 नवं, मंअष्टमी (शु.)दोपहर 12:48—

समय खुले और समतल क्षितिज के लिए है (लगभग 1–2 मिनट की सटीकता)। इमारतों, पहाड़ों, धुंध या बादल के कारण चाँद कुछ मिनट बाद दिख सकता है। व्रत खोलने से पहले स्थानीय पंचांग भी देख लें।

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चंद्रोदय क्या है और इसका समय रोज़ क्यों बदलता है?

जिस क्षण चंद्रमा पूर्व दिशा में क्षितिज के ऊपर आता है, उसे चंद्रोदय कहते हैं, और जब वह पश्चिम में क्षितिज के नीचे जाता है, उसे चंद्रास्त। सूर्योदय लगभग रोज़ एक ही समय के आसपास होता है, लेकिन चंद्रोदय हर दिन औसतन लगभग 50 मिनट देर से होता है।

इसका कारण सरल है। पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है, इसलिए सूर्य और चंद्रमा दोनों पूर्व में उगते दिखते हैं। पर चंद्रमा स्वयं भी पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए हर दिन आकाश में लगभग 12–13 अंश पूर्व की ओर खिसक जाता है। उस खिसकी हुई जगह तक “पहुँचने” के लिए पृथ्वी को रोज़ थोड़ा और घूमना पड़ता है — और इसी में लगभग 50 मिनट और लग जाते हैं। यह अंतर हर दिन एक-सा नहीं रहता; मौसम और चंद्रमा की कक्षा के झुकाव के कारण यह कभी आधे घंटे के आसपास तो कभी एक घंटे से भी ज़्यादा होता है।

इसी कारण महीने में लगभग एक बार ऐसा दिन आता है जब उस तारीख पर चंद्रोदय होता ही नहीं। मान लीजिए किसी रात चाँद 11:40 बजे निकला; अगले दिन वह आधी रात के बाद, यानी अगली तारीख में 12:30 के आसपास निकलेगा। बीच की पूरी तारीख बिना चंद्रोदय के रह जाती है। टूल की 15 दिन की तालिका में ऐसे दिन अलग से दिखाए जाते हैं, ताकि आप भ्रम में न पड़ें।

यह टूल चंद्रोदय का समय कैसे निकालता है?

आप शहर चुनते हैं (भारत और विदेश के लगभग 215 शहरों में से) और तारीख — जो पहले से आज की होती है। टूल उस शहर के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के आधार पर चंद्रमा की स्थिति खगोलीय गणित से निकालता है और बताता है कि वह किस क्षण क्षितिज पार करेगा।

  • चंद्रोदय और चंद्रास्त: समय उस शहर के स्थानीय समय में दिखता है। विदेश के शहर के लिए वहीं का स्थानीय समय दिखेगा, भारत का नहीं।
  • सटीकता: गणना एक समतल, खुले क्षितिज को मानकर की जाती है और लगभग 1–2 मिनट तक सही रहती है।
  • चंद्रोदय के समय तिथि और पक्ष: व्रत में अक्सर यही देखा जाता है कि चाँद निकलते समय कौन-सी तिथि चल रही है।
  • प्रकाशित भाग (%): चंद्रमा का कितना हिस्सा रोशन दिख रहा है — पूर्णिमा पर लगभग 100% और अमावस्या के आसपास लगभग 0%।
  • राशि और नक्षत्र: उस समय चंद्रमा किस राशि और किस नक्षत्र में है।
  • 15 दिन की तालिका: हर दिन की तारीख, तिथि, चंद्रोदय और चंद्रास्त — विशेष दिनों के निशान के साथ।

ध्यान दें: टूल जो समय बताता है वह चंद्रमा के क्षितिज पर आने का है। असल में चाँद दिखने में कुछ मिनट और लग सकते हैं — अगर पूर्व दिशा में ऊँची इमारतें, पेड़, पहाड़, धुंध, प्रदूषण या बादल हों। इसलिए व्रत के दिन बताए समय से थोड़ा पहले छत या खुली जगह पर पहुँच जाएँ और कुछ मिनट धैर्य रखें।

हर शहर में चाँद अलग समय पर क्यों निकलता है?

अक्सर लोग पूछते हैं कि दिल्ली में चाँद निकल आया तो मुंबई में अभी क्यों नहीं। इसके तीन मुख्य कारण हैं:

  1. देशांतर (पूर्व–पश्चिम स्थिति): पृथ्वी पश्चिम से पूर्व घूमती है, इसलिए पूर्व के शहरों में चाँद पहले उगता है। देशांतर में हर 1 अंश के अंतर पर समय में लगभग 4 मिनट का अंतर आता है। पूरे भारत में एक ही घड़ी (IST) चलती है, इसलिए गुवाहाटी या कोलकाता में चाँद मुंबई या अहमदाबाद से काफ़ी पहले निकलता है — कई बार एक घंटे के आसपास पहले।
  2. अक्षांश (उत्तर–दक्षिण स्थिति): चंद्रमा आकाश में किस कोण से उठ रहा है, इस पर अक्षांश का असर पड़ता है। इसलिए एक ही देशांतर पर बसे उत्तर और दक्षिण के शहरों में भी कुछ मिनट का अंतर आ सकता है।
  3. समय क्षेत्र: विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए समय वहाँ की स्थानीय घड़ी से गिना जाता है। अमेरिका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया में चंद्रोदय का समय भारत के समय से बिल्कुल अलग होगा — इसलिए हमेशा अपना ही शहर चुनें।

तिथि के अनुसार चाँद लगभग कब निकलता है?

चंद्रोदय का समय तिथि से गहराई से जुड़ा है, क्योंकि तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच की दूरी से बनती है। नीचे की तालिका एक मोटा अनुमान देती है — सटीक समय के लिए ऊपर का टूल देखें।

तिथिचंद्रोदय लगभगचाँद कब दिखता है
शुक्ल द्वितीयासूर्योदय के लगभग 1–1.5 घंटे बाद (दिन में)सूर्यास्त के बाद थोड़ी देर पश्चिम में पतली रेखा जैसा
शुक्ल अष्टमीदोपहर के आसपासशाम को आकाश में ऊँचा, आधी रात के आसपास अस्त
पूर्णिमासूर्यास्त के आसपासपूरी रात, पूरा गोल
कृष्ण चतुर्थी (संकष्टी, करवा चौथ)सूर्यास्त के लगभग 2.5–3.5 घंटे बादरात 8 से 10 बजे के बीच अक्सर
कृष्ण अष्टमीआधी रात के आसपासदेर रात से सुबह तक
अमावस्यासूर्योदय के आसपासदिखाई नहीं देता

यह अनुमान मौसम और शहर के अनुसार आगे-पीछे हो सकता है, फिर भी यह समझने में मदद करता है कि करवा चौथ या संकष्टी पर चाँद रात में ही क्यों निकलता है और पूर्णिमा का चाँद शाम ढलते ही क्यों दिख जाता है।

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व्रतों में चंद्रोदय का महत्व

करवा चौथ

करवा चौथ कार्तिक कृष्ण चतुर्थी (पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार) को मनाया जाता है। अमांत पंचांग में यही दिन आश्विन कृष्ण चतुर्थी कहलाता है — दिन वही है, केवल महीने का नाम अलग है। सुहागिन महिलाएँ दिनभर निर्जल व्रत रखती हैं और रात को चाँद देखकर, अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। इस दिन चंद्रोदय सामान्यतः रात 8 से 9 बजे के आसपास होता है, पर शहर के अनुसार इसमें काफ़ी अंतर आता है। टूल में अपना शहर चुनकर उसी दिन का समय देखें।

संकष्टी चतुर्थी

हर महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को भगवान गणेश के लिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इसमें भी चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के बाद ही व्रत खोला जाता है। परंपरा में यह देखा जाता है कि चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि हो — इसीलिए टूल चंद्रोदय के समय की तिथि भी दिखाता है। कभी-कभी तिथि के घटने-बढ़ने से व्रत की तारीख को लेकर पंचांगों में अंतर हो जाता है; ऐसे में व्रत कैलेंडर या अपने स्थानीय पंचांग से तारीख की पुष्टि कर लें।

पूर्णिमा व्रत

पूर्णिमा पर चाँद लगभग सूर्यास्त के साथ ही पूर्व में उग आता है। पूर्णिमा का व्रत रखने वाले, सत्यनारायण कथा करने वाले या शरद पूर्णिमा पर चाँदनी में खीर रखने वाले लोग इस समय को देखकर तैयारी कर सकते हैं। तालिका में पूर्णिमा के दिन अलग से चिह्नित होते हैं।

द्वितीया का चंद्र दर्शन

अमावस्या के बाद शुक्ल द्वितीया को पतले चंद्रमा के दर्शन शुभ माने जाते हैं। यहाँ एक बात समझनी ज़रूरी है: इस दिन चंद्रोदय सुबह, सूर्योदय के कुछ देर बाद होता है, जब सूर्य की रोशनी में चाँद दिखता नहीं। दर्शन का समय सूर्यास्त के बाद का होता है, जब पश्चिम दिशा में नीचे की ओर पतली रेखा जैसा चाँद दिखता है और थोड़ी देर में अस्त हो जाता है। इसलिए इस दिन टूल में चंद्रास्त का समय देखें — सूर्यास्त और चंद्रास्त के बीच का समय ही दर्शन का अवसर है।

चंद्र अर्घ्य कैसे दें — सरल परंपरागत विधि

चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि घर-घर में थोड़ी अलग होती है। नीचे एक सरल और प्रचलित तरीका है, इसे अपने परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं:

  1. चंद्रोदय के समय से थोड़ा पहले स्नान करके या हाथ-मुँह धोकर तैयार हो जाएँ।
  2. एक लोटे या करवे में शुद्ध जल भरें। कई परिवारों में इसमें थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत (चावल), सफ़ेद फूल या थोड़ी मिश्री डाली जाती है।
  3. चाँद दिखने पर उसकी ओर मुख करके खड़े हों और लोटे से धीरे-धीरे जल की धार गिराएँ। कई लोग जल की धार के बीच से चंद्रमा के दर्शन करते हैं।
  4. मन में चंद्र देव का स्मरण करें — चाहें तो “ॐ सोमाय नमः” बोल सकते हैं — और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
  5. करवा चौथ पर महिलाएँ छलनी से चाँद और फिर पति का मुख देखती हैं; संकष्टी पर अर्घ्य के बाद गणेश जी की पूजा करके व्रत खोला जाता है।
  6. अर्घ्य का जल पैरों में न आए, इसके लिए नीचे गमला या कोई पात्र रख सकते हैं।

अगर बादलों के कारण चाँद न दिखे, तो कई परिवारों में चंद्रोदय का समय बीत जाने पर उसी दिशा में अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है। इस बारे में अपने घर के बड़ों या पुरोहित की सलाह मानें।

चंद्रोदय से जुड़ी मान्यताएँ और तथ्य

  • मान्यता: चाँद रोज़ एक ही समय पर निकलता है। तथ्य: चंद्रोदय हर दिन औसतन लगभग 50 मिनट देर से होता है, और महीने में एक दिन ऐसा भी आता है जब उस तारीख पर चंद्रोदय होता ही नहीं।
  • मान्यता: पूरे भारत में चाँद एक ही समय पर निकलता है। तथ्य: एक ही घड़ी (IST) होने के बावजूद पूर्व और पश्चिम भारत में चंद्रोदय में एक घंटे तक का अंतर हो सकता है।
  • मान्यता: चाँद सिर्फ़ रात में निकलता है। तथ्य: शुक्ल पक्ष में चाँद अक्सर दिन में ही उग आता है; दिन के आकाश में भी उसे देखा जा सकता है।
  • मान्यता: टूल का समय आते ही चाँद दिख जाना चाहिए। तथ्य: बताया गया समय समतल क्षितिज का है; इमारतों, धुंध या बादलों के कारण चाँद कुछ मिनट बाद दिख सकता है।

चंद्रमा की राशि और नक्षत्र जानने के लिए नक्षत्र कैलकुलेटर, और आज की तिथि, योग व मुहूर्त के लिए आज का पंचांग भी देखें। अपनी जन्म की तिथि जाननी हो तो जन्म तिथि कैलकुलेटर उपयोगी है।

Moonrise Time Today — in English

This moonrise time today tool (also searched as chandrodaya samay or “chand kitne baje niklega”) gives the moonrise and moonset time for about 215 cities in India and abroad, for today or any date you choose. Times are calculated astronomically for a flat horizon and are accurate to about 1–2 minutes; the Moon may actually appear a few minutes later behind buildings, haze or clouds. The tool also shows the tithi and paksha at moonrise, the Moon’s illumination, its rashi and nakshatra, and a 15-day table that marks Sankashti Chaturthi, Karwa Chauth, Purnima and days with no moonrise. Switch to English at the top of the page for the full English version.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

आज चाँद कब निकलेगा, कैसे पता करें?

ऊपर के टूल में अपना शहर चुनें; तारीख पहले से आज की होती है। टूल तुरंत उस शहर का चंद्रोदय और चंद्रास्त समय, चंद्रोदय के समय की तिथि और अगले 15 दिनों की तालिका दिखा देता है।

chand kitne baje niklega aaj?

चाँद निकलने का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए टूल में अपना शहर चुनें। वहाँ का स्थानीय चंद्रोदय समय लगभग 1–2 मिनट की सटीकता से दिख जाएगा।

चंद्रोदय का समय रोज़ क्यों बदलता है?

चंद्रमा अपनी कक्षा में हर दिन लगभग 12–13 अंश पूर्व की ओर खिसक जाता है, इसलिए पृथ्वी को उसे फिर क्षितिज पर लाने के लिए थोड़ा ज़्यादा घूमना पड़ता है। इसी से चंद्रोदय रोज़ औसतन लगभग 50 मिनट देर से होता है।

दिल्ली और मुंबई में चाँद अलग समय पर क्यों निकलता है?

पूर्व के शहरों में चाँद पहले उगता है — देशांतर के हर 1 अंश पर लगभग 4 मिनट का अंतर। पूरे भारत में एक ही घड़ी (IST) है, इसलिए पूर्व और पश्चिम भारत के शहरों में चंद्रोदय में एक घंटे तक का अंतर हो सकता है।

टूल के बताए समय पर चाँद क्यों नहीं दिखा?

टूल का समय समतल, खुले क्षितिज के लिए है। पूर्व दिशा में इमारतें, पेड़, धुंध या बादल हों तो चाँद कुछ मिनट बाद दिखता है, इसलिए थोड़ा धैर्य रखें।

करवा चौथ पर चाँद कितने बजे निकलेगा?

करवा चौथ कार्तिक कृष्ण चतुर्थी (पूर्णिमांत) को होता है और चंद्रोदय सामान्यतः रात 8 से 9 बजे के आसपास होता है। सटीक समय के लिए टूल में करवा चौथ की तारीख और अपना शहर चुनें।

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का समय कैसे देखें?

15 दिन की तालिका में संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष चतुर्थी) अलग से चिह्नित होती है। उस दिन का चंद्रोदय समय देखें; परंपरा में चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद ही व्रत खोला जाता है।

किसी दिन चंद्रोदय क्यों नहीं होता?

अगर एक रात चाँद आधी रात से कुछ पहले निकले, तो अगला चंद्रोदय आधी रात के बाद अगली तारीख में होता है। बीच की तारीख पर चंद्रोदय नहीं होता; तालिका में ऐसे दिन अलग से दिखाए जाते हैं।

पूर्णिमा पर चाँद कब निकलता है?

पूर्णिमा पर चाँद लगभग सूर्यास्त के आसपास पूर्व में उगता है और पूरी रात आकाश में रहता है। तालिका में पूर्णिमा के दिन चिह्नित होते हैं।

द्वितीया का चाँद कब और कहाँ दिखेगा?

शुक्ल द्वितीया को चाँद सुबह उगता है पर दिन की रोशनी में नहीं दिखता। वह सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में नीचे पतली रेखा जैसा दिखता है, इसलिए उस दिन टूल में चंद्रास्त का समय देखें।

चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?

लोटे में जल लें, चाहें तो थोड़ा दूध, अक्षत और सफ़ेद फूल डालें, चाँद की ओर मुख करके धीरे-धीरे जल की धार गिराएँ और चंद्र देव का स्मरण करें। विधि परिवार की परंपरा के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।

चंद्रमा का प्रकाशित भाग (%) क्या बताता है?

यह बताता है कि चाँद का कितना हिस्सा रोशन दिख रहा है। पूर्णिमा पर यह लगभग 100% और अमावस्या के आसपास लगभग 0% होता है।

विदेश में रहते हुए चंद्रोदय का समय कैसे जानें?

टूल में भारत के साथ विदेश के शहर भी हैं। अपना शहर चुनें — समय वहीं की स्थानीय घड़ी में दिखेगा, भारत के समय में नहीं।

moonrise time today tool kitna sahi hai?

गणना खगोलीय सूत्रों से समतल क्षितिज मानकर की जाती है और लगभग 1–2 मिनट तक सही रहती है। वास्तविक दर्शन स्थानीय क्षितिज और मौसम पर निर्भर करता है।

चंद्रोदय के समय की तिथि क्यों दिखाई जाती है?

कई व्रत, जैसे संकष्टी चतुर्थी, इस बात पर निर्भर करते हैं कि चाँद निकलते समय कौन-सी तिथि है। व्रत की तारीख की पुष्टि के लिए व्रत कैलेंडर या स्थानीय पंचांग भी देखें।