Free Kundli (मुफ़्त जन्म कुंडली) बनाने के लिए नीचे अपनी जन्म तिथि, जन्म का समय और जन्म स्थान भरें। आपकी जन्म कुंडली तुरंत बनेगी — उत्तर भारतीय लग्न चार्ट, नौ ग्रहों की राशि, अंश, नक्षत्र और भाव, विंशोत्तरी महादशा-अंतर्दशा और मांगलिक जाँच के साथ। गणना वैदिक पद्धति और लाहिरी अयनांश से होती है, और आपकी जानकारी कहीं सहेजी नहीं जाती।

इस लेख में
Free Kundli में क्या-क्या मिलता है?
- लग्न कुंडली (जन्म चार्ट): उत्तर भारतीय शैली का चार्ट, जिसमें हर भाव में राशि क्रमांक और ग्रह दिखते हैं।
- ग्रह स्थिति: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु की राशि, अंश, नक्षत्र-चरण और भाव; वक्री ग्रहों का संकेत।
- लग्न, चंद्र राशि और नक्षत्र: साथ में नाम का पहला अक्षर।
- विंशोत्तरी महादशा: जन्म से शुरू होकर हर महादशा की तारीखें, और अभी चल रही महादशा की सभी अंतर्दशाएँ।
- मांगलिक जाँच: मंगल किस भाव में है और कुंडली मांगलिक है या नहीं।
जन्म कुंडली कैसे पढ़ें?
कुंडली के बारह खाने बारह भाव हैं। उत्तर भारतीय चार्ट में सबसे ऊपर बीच वाला खाना पहला भाव (लग्न) है और भाव घड़ी की उल्टी दिशा में आगे बढ़ते हैं। हर खाने में लिखा अंक उस भाव की राशि बताता है — 1 मेष, 2 वृषभ से लेकर 12 मीन तक। जिस खाने में जो ग्रह लिखा है, वह ग्रह जन्म के समय उस भाव और राशि में था।
बारह भाव और उनका अर्थ
| भाव | मुख्य विषय |
|---|---|
| पहला (लग्न) | स्वयं, शरीर, स्वभाव |
| दूसरा | धन, परिवार, वाणी |
| तीसरा | साहस, छोटे भाई-बहन, यात्राएँ |
| चौथा | माता, घर, सुख, वाहन |
| पाँचवाँ | संतान, शिक्षा, बुद्धि |
| छठा | रोग, शत्रु, कर्ज़, नौकरी |
| सातवाँ | विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी |
| आठवाँ | आयु, अचानक घटनाएँ, गूढ़ विद्या |
| नौवाँ | भाग्य, धर्म, पिता, गुरु |
| दसवाँ | कर्म, करियर, पद-प्रतिष्ठा |
| ग्यारहवाँ | लाभ, आय, मित्र |
| बारहवाँ | व्यय, विदेश, मोक्ष |
नौ ग्रह
वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रह माने जाते हैं — सूर्य (आत्मा, पिता), चंद्र (मन, माता), मंगल (साहस, भूमि), बुध (बुद्धि, वाणी), गुरु (ज्ञान, संतान, भाग्य), शुक्र (प्रेम, विवाह, सुख-सुविधा), शनि (कर्म, अनुशासन), राहु और केतु (छाया ग्रह)। राहु-केतु हमेशा वक्री चलते हैं और एक-दूसरे से ठीक सातवें भाव में रहते हैं।
लग्न, चंद्र राशि और सूर्य राशि में अंतर
- लग्न: जन्म के समय पूर्व दिशा में उदय हो रही राशि। यह लगभग हर दो घंटे में बदलती है, इसलिए जन्म समय सबसे ज़रूरी है।
- चंद्र राशि (जन्म राशि): जन्म के समय चंद्रमा की राशि। भारत में राशिफल और नामकरण इसी से होता है। अपनी राशि और नक्षत्र अलग से जानने के लिए नक्षत्र कैलकुलेटर देखें।
- सूर्य राशि: सूर्य की राशि, जिसे पश्चिमी राशिफल में “zodiac sign” कहते हैं। वैदिक गणना में यह पश्चिमी तारीखों से लगभग 23–24 दिन पीछे होती है।
विंशोत्तरी दशा: जीवन के अलग-अलग दौर
विंशोत्तरी दशा 120 वर्ष का चक्र है, जो जन्म नक्षत्र के स्वामी ग्रह से शुरू होता है। क्रम हमेशा एक ही रहता है — केतु (7 वर्ष), शुक्र (20), सूर्य (6), चंद्र (10), मंगल (7), राहु (18), गुरु (16), शनि (19) और बुध (17)। जन्म के समय चंद्रमा नक्षत्र में जितना आगे निकल चुका होता है, पहली महादशा उतनी ही कम बची रहती है। हर महादशा के भीतर नौ अंतर्दशाएँ होती हैं, जिनका क्रम महादशा के स्वामी से शुरू होता है।
| महादशा | अवधि |
|---|---|
| केतु | 7 वर्ष |
| शुक्र | 20 वर्ष |
| सूर्य | 6 वर्ष |
| चंद्र | 10 वर्ष |
| मंगल | 7 वर्ष |
| राहु | 18 वर्ष |
| गुरु | 16 वर्ष |
| शनि | 19 वर्ष |
| बुध | 17 वर्ष |
Free Kundli के लिए सही जानकारी कैसे भरें
- जन्म तिथि: अंग्रेज़ी कैलेंडर की तारीख भरें (जैसे जन्म प्रमाण पत्र में लिखी है)।
- जन्म समय: अस्पताल के रिकॉर्ड या घर के बड़ों से सही समय पूछें। रात 12 बजे के बाद का जन्म अगली तारीख में गिना जाता है।
- जन्म स्थान: सूची में अपना शहर या सबसे नज़दीकी बड़ा शहर चुनें। विदेश में जन्म हो तो उस देश का शहर चुनें — वहाँ का समय क्षेत्र और गर्मियों का समय (DST) अपने-आप लगेगा।
Free Kundli से जुड़े दूसरे टूल
- कुंडली मिलान (36 गुण) — विवाह के लिए वर-कन्या का अष्टकूट मिलान
- मांगलिक दोष जाँच — लग्न, चंद्र और शुक्र से मंगल की स्थिति
- शनि साढ़ेसाती — आपकी साढ़ेसाती और ढैय्या कब है
- जन्म नक्षत्र और राशि — नक्षत्र, चरण और नाम अक्षर
- अंक ज्योतिष कैलकुलेटर — मूलांक और भाग्यांक
वक्री ग्रह क्या होते हैं?
पृथ्वी से देखने पर कभी-कभी कोई ग्रह आकाश में उल्टी दिशा में चलता हुआ दिखता है — इसे वक्री (retrograde) ग्रह कहते हैं। मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि समय-समय पर वक्री होते हैं, जबकि सूर्य और चंद्रमा कभी वक्री नहीं होते। राहु और केतु हमेशा वक्री गति से चलते हैं। हमारी Free Kundli में वक्री ग्रह तालिका में “(वक्री)” और चार्ट में “*” से दिखाए जाते हैं। ज्योतिष में माना जाता है कि वक्री ग्रह अपने फल देर से या भीतर की ओर देते हैं।
उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय कुंडली में अंतर
- उत्तर भारतीय चार्ट (जो हम दिखाते हैं): भाव स्थिर रहते हैं — सबसे ऊपर का खाना हमेशा पहला भाव — और राशियों के अंक बदलते हैं।
- दक्षिण भारतीय चार्ट: राशियाँ स्थिर रहती हैं — हर खाने में एक तय राशि — और लग्न को एक निशान से दिखाया जाता है।
- दोनों में ग्रहों की स्थिति एक ही होती है; केवल दिखाने का तरीका अलग है।
लग्न कुंडली, चंद्र कुंडली और नवांश
लग्न कुंडली जन्म के समय उदित राशि से बनती है और सबसे मुख्य मानी जाती है। चंद्र कुंडली में चंद्र राशि को पहला भाव मानकर ग्रह देखे जाते हैं — गोचर और साढ़ेसाती इसी से देखी जाती है। नवांश (D9) कुंडली हर राशि को नौ भागों में बाँटकर बनती है और विवाह व ग्रहों की असली शक्ति देखने में इस्तेमाल होती है। हमारी Free Kundli में लग्न कुंडली, ग्रह स्थिति और दशा दी गई है।
वैदिक ज्योतिष और जन्म कुंडली के बारे में विस्तार से पढ़ें: Hindu astrology – Wikipedia.
Free Kundli — in English
Make your free Kundli (Vedic birth chart) above: enter your date, time and place of birth to get the North Indian Lagna chart, the sign, degree, nakshatra and house of all nine grahas, Vimshottari Mahadasha and Antardasha dates, and a Manglik check — calculated with Lahiri ayanamsa. Your details are not saved.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Free Kundli कैसे बनाएं?
ऊपर के फ़ॉर्म में जन्म तिथि, जन्म का सही समय और जन्म स्थान चुनें और “कुंडली बनाएँ” दबाएँ। लग्न चार्ट, ग्रह स्थिति, नक्षत्र और महादशा तुरंत दिख जाएगी।
कुंडली के लिए जन्म समय कितना सही होना चाहिए?
जितना सही हो सके। लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए 10–15 मिनट का अंतर भी कभी-कभी लग्न और भाव बदल सकता है। ग्रहों की राशि पर इसका असर बहुत कम होता है।
यह कुंडली किस पद्धति से बनती है?
वैदिक (निरयन) पद्धति से, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश के साथ — वही पद्धति जो भारत के अधिकतर पंचांग और ज्योतिषी इस्तेमाल करते हैं। चार्ट उत्तर भारतीय शैली में है।
विंशोत्तरी दशा क्या है?
यह 120 वर्ष का ग्रह-दशा चक्र है, जो जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से शुरू होता है। हर ग्रह की महादशा की अवधि तय है — जैसे शुक्र 20 वर्ष, सूर्य 6 वर्ष — और हर महादशा में नौ अंतर्दशाएँ होती हैं।
Is this Kundli really free?
Yes. The Kundli is calculated instantly in your browser session on our server, with no login or payment, and your birth details are not saved.