सीधे सामग्री पर जाएँ
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण चतुर्थी · आज करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी · वि.सं. 2083 आज का पंचांग →
पसंदीदा

व्रत और त्योहार कैलेंडर

अक्टूबर 2026

नवंबर 2026

दिसंबर 2026

जनवरी 2027

एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियाँ सूर्योदय के समय की तिथि से अपने-आप निकाली जाती हैं। व्रत के नियम (जैसे स्मार्त/वैष्णव एकादशी) अलग हो सकते हैं — अपने पुरोहित या स्थानीय पंचांग से मिलान करें।

इस कैलेंडर में अगले 90 दिनों के सभी प्रमुख व्रत और त्योहार तारीख और वार के साथ दिए गए हैं — एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष व्रत, संकष्टी और विनायक चतुर्थी, मासिक शिवरात्रि, और दीपावली, होली, नवरात्रि, जन्माष्टमी जैसे बड़े पर्व। ऊपर अपना शहर चुनें — तिथियाँ आपके शहर के सूर्योदय और समय के अनुसार निकाली जाती हैं।

तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?

हिंदू त्योहार तिथि पर आधारित होते हैं, और एक तिथि अक्सर दो दिनों में बँट जाती है। इसलिए हर पर्व के लिए परंपरा से तय समय देखा जाता है:

  • सूर्योदय (उदया तिथि): एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और अधिकांश व्रत।
  • प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद): दीपावली लक्ष्मी पूजन, धनतेरस, प्रदोष व्रत, होलिका दहन।
  • चंद्रोदय: करवा चौथ और संकष्टी चतुर्थी।
  • मध्याह्न: राम नवमी, गणेश चतुर्थी।
  • निशीथ काल (मध्यरात्रि): जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि।

इसी कारण कभी-कभी कोई पर्व कैलेंडर की तारीख से एक दिन पहले या बाद में मनाया जाता है। हमारा कैलेंडर इन नियमों को ध्यान में रखकर तिथि बताता है।

वर्ष की 24 एकादशियाँ

मासशुक्ल पक्षकृष्ण पक्ष
चैत्रकामदापापमोचनी
वैशाखमोहिनीवरूथिनी
ज्येष्ठनिर्जलाअपरा
आषाढ़देवशयनीयोगिनी
श्रावणपुत्रदाकामिका
भाद्रपदपरिवर्तिनीअजा
आश्विनपापांकुशाइंदिरा
कार्तिकदेवउठनी (प्रबोधिनी)रमा
मार्गशीर्षमोक्षदाउत्पन्ना
पौषपुत्रदासफला
माघजयाषटतिला
फाल्गुनआमलकीविजया

तालिका में कृष्ण पक्ष के नाम उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास के अनुसार हैं। अधिक मास वाले वर्ष में पद्मिनी और परमा एकादशी भी आती हैं।

हर महीने आने वाले व्रत

  • प्रदोष व्रत: दोनों पक्षों की त्रयोदशी को, भगवान शिव के लिए।
  • संकष्टी चतुर्थी: कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय पर गणेश पूजा।
  • विनायक चतुर्थी: शुक्ल पक्ष की चतुर्थी।
  • मासिक शिवरात्रि: कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी।
  • पूर्णिमा और अमावस्या: स्नान, दान और पूजा के लिए विशेष।
  • कालाष्टमी: कृष्ण पक्ष की अष्टमी, भगवान भैरव के लिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकादशी दो दिन क्यों दिखती है?

कभी-कभी गृहस्थों (स्मार्त) और वैष्णव संप्रदाय के नियम अलग होने से एकादशी दो दिन बताई जाती है। यह कैलेंडर सूर्योदय की तिथि के अनुसार दिन बताता है — अपनी परंपरा के अनुसार पुरोहित से पुष्टि कर लें।

विदेश में त्योहार की तारीख अलग क्यों होती है?

तिथि खगोलीय समय पर बदलती है, इसलिए भारत और अमेरिका या कनाडा में कभी-कभी व्रत की तारीख एक दिन अलग आती है। ऊपर अपना शहर चुनें — तारीख आपके शहर के अनुसार दिखेगी।

किसी त्योहार पर क्लिक करने से क्या होगा?

उस दिन का पूरा पंचांग खुलेगा, या अगर उस पर्व पर हमारा लेख है तो वह लेख।

रोज़ की तिथि और शुभ समय के लिए आज का पंचांग देखें।