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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण चतुर्थी · आज करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी · वि.सं. 2083 आज का पंचांग → हिंदीEnglish
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अमावस्या कब है? (Amavasya Kab Hai) — अगली अमावस्या, तिथि समय और अमावस्या लिस्ट

Amavasya Kab Hai (अमावस्या कब है?) — हर महीने यह सवाल लाखों परिवार पूछते हैं, क्योंकि अमावस्या पर पवित्र स्नान, दान और पितरों का तर्पण किया जाता है। नीचे के बॉक्स में अगली अमावस्या की तारीख और अमावस्या तिथि का समय आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार अपने-आप दिखता है, और उसके नीचे इस साल और अगले साल की पूरी अमावस्या लिस्ट है — जिसमें सोमवती, शनि और मौनी जैसी विशेष अमावस्याएँ अलग से लिखी हैं।

Amavasya Kab Hai – अगली अमावस्या की तारीख और तिथि समय

अगली अमावस्या · देहरादून

कार्तिक अमावस्या

9 नवंबर 2026, सोमवार 11 दिन बाकी

अमावस्या तिथि
8 नवं 11:29 – 9 नवं 12:33
स्नान-दान
9 नवंबर 2026, सोमवार
विशेष
सोमवती अमावस्या · दीपावली (8 नवं)

इसके बाद: मार्गशीर्ष अमावस्या — 8 दिसंबर 2026, मंगलवार

अमावस्या 2026 सूची (देहरादून)

तारीखअमावस्यातिथि का समय
18 जनवरी 2026, रविवारमाघ अमावस्या
मौनी अमावस्या
18 जन 00:06 – 19 जन 01:23
17 फ़रवरी 2026, मंगलवारफाल्गुन अमावस्या
भौमवती अमावस्या
16 फ़र 17:36 – 17 फ़र 17:33
19 मार्च 2026, गुरुवारचैत्र अमावस्या18 मार्च 08:28 – 19 मार्च 06:55
17 अप्रैल 2026, शुक्रवारवैशाख अमावस्या16 अप्रै 20:14 – 17 अप्रै 17:23
16 मई 2026, शनिवारज्येष्ठ अमावस्या
शनि अमावस्या
16 मई 05:13 – 17 मई 01:33
15 जून 2026, सोमवारअधिक ज्येष्ठ अमावस्या
सोमवती अमावस्या
14 जून 12:21 – 15 जून 08:25
14 जुलाई 2026, मंगलवारआषाढ़ अमावस्या
भौमवती अमावस्या
13 जुला 18:51 – 14 जुला 15:15
12 अगस्त 2026, बुधवारश्रावण अमावस्या12 अग 01:54 – 12 अग 23:07
11 सितंबर 2026, शुक्रवारभाद्रपद अमावस्या10 सितं 10:34 – 11 सितं 08:57
10 अक्टूबर 2026, शनिवारआश्विन अमावस्या
शनि अमावस्या · सर्वपितृ अमावस्या
9 अक्टू 21:37 – 10 अक्टू 21:21
9 नवंबर 2026, सोमवारकार्तिक अमावस्या
सोमवती अमावस्या · दीपावली (8 नवं)
8 नवं 11:29 – 9 नवं 12:33
8 दिसंबर 2026, मंगलवारमार्गशीर्ष अमावस्या
भौमवती अमावस्या
8 दिसं 04:14 – 9 दिसं 06:23

अमावस्या 2027 सूची (देहरादून)

तारीखअमावस्यातिथि का समय
7 जनवरी 2027, गुरुवारपौष अमावस्या6 जन 23:16 – 8 जन 01:55
6 फ़रवरी 2027, शनिवारमाघ अमावस्या
मौनी अमावस्या · शनि अमावस्या
5 फ़र 19:07 – 6 फ़र 21:27
8 मार्च 2027, सोमवारफाल्गुन अमावस्या
सोमवती अमावस्या
7 मार्च 13:48 – 8 मार्च 15:00
6 अप्रैल 2027, मंगलवारचैत्र अमावस्या
भौमवती अमावस्या
6 अप्रै 05:42 – 7 अप्रै 05:22
6 मई 2027, गुरुवारवैशाख अमावस्या5 मई 18:18 – 6 मई 16:29
4 जून 2027, शुक्रवारज्येष्ठ अमावस्या4 जून 04:07 – 5 जून 01:11
4 जुलाई 2027, रविवारआषाढ़ अमावस्या3 जुला 12:07 – 4 जुला 08:33
2 अगस्त 2027, सोमवारश्रावण अमावस्या
सोमवती अमावस्या
1 अग 19:21 – 2 अग 15:36
31 अगस्त 2027, मंगलवारभाद्रपद अमावस्या
भौमवती अमावस्या
31 अग 02:43 – 31 अग 23:12
30 सितंबर 2027, गुरुवारआश्विन अमावस्या
सर्वपितृ अमावस्या
29 सितं 10:57 – 30 सितं 08:07
29 अक्टूबर 2027, शुक्रवारकार्तिक अमावस्या
दीपावली · लक्ष्मी पूजन
28 अक्टू 20:50 – 29 अक्टू 19:08
28 नवंबर 2027, रविवारमार्गशीर्ष अमावस्या27 नवं 09:09 – 28 नवं 08:55
27 दिसंबर 2027, सोमवारपौष अमावस्या
सोमवती अमावस्या
27 दिसं 00:24 – 28 दिसं 01:43

तारीख: देहरादून के सूर्योदय पर अमावस्या तिथि (स्नान-दान, तर्पण)। महीने के नाम उत्तर भारतीय (पूर्णिमांत) पंचांग के अनुसार हैं। समय लगभग हैं, अपने स्थानीय पंचांग से मिलान कर लें।

Amavasya Kab Hai: अमावस्या की तारीख कैसे तय होती है?

कृष्ण पक्ष की आख़िरी (तीसवीं) तिथि को अमावस्या कहते हैं, जब चंद्रमा सूर्य के साथ होता है और आकाश में दिखाई नहीं देता। तिथि चंद्रमा और सूर्य की दूरी से बनती है, इसलिए अमावस्या तिथि दिन के किसी भी समय शुरू हो सकती है। स्नान, दान और तर्पण के लिए वह दिन लिया जाता है जिसके सूर्योदय पर अमावस्या तिथि हो — इसे उदया तिथि कहते हैं। ऊपर की सूची इसी नियम से बनी है।

कुछ अनुष्ठानों का समय अलग होता है: दीपावली का लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल की अमावस्या में होता है और श्राद्ध अपराह्न काल में। इसलिए कभी-कभी कोई पर्व अमावस्या की सूची वाली तारीख से एक दिन पहले पड़ता है — जैसे 2026 में दीपावली 8 नवंबर को है, जबकि स्नान-दान की कार्तिक अमावस्या 9 नवंबर को।

पूर्णिमांत और अमांत — महीने का नाम अलग क्यों?

उत्तर भारत में पूर्णिमांत पंचांग चलता है, जिसमें महीना पूर्णिमा पर खत्म होता है। गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमांत पंचांग है, जिसमें महीना अमावस्या पर खत्म होता है। इसलिए एक ही अमावस्या के नाम अलग होते हैं — जैसे दीपावली वाली अमावस्या उत्तर भारत में कार्तिक अमावस्या और अमांत पंचांग में आश्विन अमावस्या। हमारी सूची उत्तर भारतीय नाम दिखाती है; तारीख दोनों में एक ही रहती है।

Amavasya Kab Hai 2026: विशेष अमावस्याएँ और उनका महत्व

अमावस्याविशेषता
सोमवती अमावस्यासोमवार को पड़ने वाली अमावस्या — सुहागिनें पीपल की 108 परिक्रमा करती हैं, स्नान-दान का विशेष फल
शनि (शनिश्चरी) अमावस्याशनिवार की अमावस्या — शनि देव की पूजा, सरसों का तेल और काले तिल का दान
भौमवती अमावस्यामंगलवार की अमावस्या — हनुमान जी की पूजा और ऋण मुक्ति के उपाय
मौनी अमावस्या (माघ)मौन रहकर गंगा स्नान — प्रयागराज संगम पर सबसे बड़ा स्नान पर्व
शनि जयंती (ज्येष्ठ)शनि देव का जन्मोत्सव; उत्तर भारत में इसी दिन वट सावित्री व्रत भी
हरियाली अमावस्या (श्रावण)पौधे लगाने और शिव-पार्वती पूजा का दिन
सर्वपितृ अमावस्या (आश्विन)पितृ पक्ष का अंतिम दिन — सभी पितरों का श्राद्ध और विदाई
दीपावली (कार्तिक)प्रदोष काल की अमावस्या में लक्ष्मी पूजन

किसी भी महीने के लिए Amavasya Kab Hai जानने को ऊपर की सूची देखें। 2026 में सोमवती अमावस्या 15 जून और 9 नवंबर को है, शनि अमावस्या 16 मई और 10 अक्टूबर (सर्वपितृ अमावस्या के साथ) को है।

Amavasya Kab Hai जानने के बाद: पितृ तर्पण विधि

  1. सुबह पवित्र नदी में या घर पर पानी में गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें।
  2. दक्षिण दिशा की ओर मुँह करके बैठें। एक पात्र में जल, काले तिल, कुश और सफ़ेद फूल लें।
  3. अपने पितरों का नाम और गोत्र लेते हुए अंजलि से तीन-तीन बार जल अर्पित करें और “ॐ पितृभ्यः नमः” बोलें।
  4. पितरों के नाम से भोजन का एक हिस्सा गाय, कुत्ते, कौए और चींटियों के लिए निकालें।
  5. किसी ब्राह्मण या ज़रूरतमंद को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा दें।
  6. शाम को पीपल के पेड़ के नीचे और घर के दक्षिण में सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।

अमावस्या पर पितृ दोष और शनि के उपाय

  • पीपल पूजा: सुबह पीपल पर जल, कच्चा दूध और काले तिल चढ़ाएँ और शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाकर सात परिक्रमा करें।
  • शिव पूजा: शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और काले तिल चढ़ाएँ और “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें।
  • शनि अमावस्या: शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाएँ, काले तिल, उड़द और कंबल का दान करें और हनुमान चालीसा पढ़ें।
  • पितृ दोष: पितरों के नाम से गाय को हरा चारा, कौओं को भोजन और किसी ज़रूरतमंद को अन्न दान करें। गीता के सातवें अध्याय का पाठ भी शुभ माना जाता है।
  • सोमवती अमावस्या: सुहागिनें पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करती हैं और सुहाग का सामान दान करती हैं।

अमावस्या व्रत

कई लोग अमावस्या पर व्रत भी रखते हैं, खासकर सोमवती और मौनी अमावस्या पर। सुबह स्नान करके संकल्प लें, दिन में फलाहार रखें, पितरों का तर्पण और भगवान शिव या विष्णु की पूजा करें, और शाम को दीपदान के बाद सात्विक भोजन से व्रत खोलें। मौनी अमावस्या पर स्नान तक या पूरे दिन मौन रखने की परंपरा है।

अमावस्या पर क्या करें, क्या न करें

क्या करेंक्या न करें
पवित्र स्नान, पितृ तर्पण और दानमांस-मदिरा और तामसिक भोजन
भगवान शिव और शनि देव की पूजानया काम, गृह प्रवेश या बड़ी खरीदारी की शुरुआत
पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपकबाल और नाखून काटना
गाय, कुत्ते, कौए और चींटियों को भोजनझगड़ा, क्रोध और किसी का अपमान
ध्यान, मंत्र जप और मौनसुनसान जगहों पर देर रात अकेले जाना (लोक मान्यता)

अमावस्या का महत्व

शास्त्रों में अमावस्या को पितरों की तिथि कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन पितर अपने वंशजों से तर्पण की आशा रखते हैं, और तर्पण-दान से पितृ दोष शांत होता है। अमावस्या भगवान शिव और शनि देव की पूजा के लिए भी शुभ है। चंद्रमा न दिखने के कारण इस दिन मन भारी लग सकता है, इसलिए ध्यान, जप और मौन रखने की परंपरा है — मौनी अमावस्या इसी का सबसे बड़ा रूप है।

अमावस्या के अगले दिन से शुक्ल पक्ष शुरू होता है और लगभग पंद्रह दिन बाद पूर्णिमा आती है। अगली पूर्णिमा के लिए पूर्णिमा कब है और एकादशी के लिए एकादशी कब है पेज देखें। शिव पूजा के बाद ॐ जय शिव ओंकारा आरती करें और आज की तिथि आज का पंचांग में देखें।

Amavasya Kab Hai — in English

When is Amavasya? The box at the top shows the next Amavasya (new moon) for your city — its date and tithi timings — followed by the full Amavasya list for this year and next, with Somvati, Shani, Bhaumvati and Mauni Amavasya marked. The bath, charity and tarpan are done on the day Amavasya prevails at sunrise. Read more on Wikipedia.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Amavasya Kab Hai? अगली अमावस्या कब है?

अगली अमावस्या की तारीख और अमावस्या तिथि का समय इस पेज के सबसे ऊपर वाले बॉक्स में आपके शहर के अनुसार अपने-आप दिखता है। हर महीने एक अमावस्या आती है, यानी साल में 12 — और अधिक मास वाले साल में 13।

आज अमावस्या है क्या?

अगर आज अमावस्या है, तो ऊपर के बॉक्स में “आज अमावस्या है” लिखा दिखेगा। स्नान, दान और तर्पण की तारीख सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) से तय होती है, इसलिए अपना शहर चुनकर देखें।

सोमवती अमावस्या कब है?

जो अमावस्या सोमवार को पड़ती है, उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। 2026 में 15 जून (अधिक ज्येष्ठ) और 9 नवंबर (कार्तिक) को सोमवती अमावस्या है। ऊपर की सूची में हर सोमवती, शनि और भौमवती अमावस्या अलग से लिखी है।

अमावस्या पर क्या करना चाहिए?

सुबह पवित्र नदी में स्नान, पितरों का तर्पण, अन्न-वस्त्र का दान, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक और गाय, कुत्ते, कौए व चींटियों को भोजन देना शुभ माना जाता है।

एक ही अमावस्या का नाम अलग-अलग पंचांगों में अलग क्यों होता है?

उत्तर भारत में पूर्णिमांत और गुजरात, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत में अमांत पंचांग चलता है। जैसे दीपावली की अमावस्या उत्तर भारत में कार्तिक अमावस्या और अमांत पंचांग में आश्विन अमावस्या कहलाती है। तारीख वही रहती है, सिर्फ़ महीने का नाम बदलता है।

When is the next Amavasya?

The next Amavasya date and tithi timings for your city are shown in the box at the top of this page and update automatically. There is one Amavasya (new moon) every lunar month — 12 in a year, or 13 in a year with an Adhik month.