Purnima Kab Hai (पूर्णिमा कब है?) — हर महीने यह सवाल लाखों भक्त पूछते हैं, क्योंकि पूर्णिमा पर व्रत, सत्यनारायण कथा, गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। नीचे के बॉक्स में अगली पूर्णिमा की तारीख, पूर्णिमा तिथि का समय, स्नान-दान और व्रत का दिन आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार अपने-आप दिखता है, और उसके नीचे इस साल और अगले साल की पूरी पूर्णिमा लिस्ट है।

अगली पूर्णिमा · देहरादून
कार्तिक पूर्णिमा
24 नवंबर 2026, मंगलवार 26 दिन बाकी
- पूर्णिमा तिथि
- 23 नवं 23:44 – 24 नवं 20:25
- स्नान-दान
- 24 नवंबर 2026, मंगलवार
- पूर्णिमा व्रत
- 24 नवंबर 2026, मंगलवार
- विशेष
- देव दीपावली · गुरु नानक जयंती
इसके बाद: मार्गशीर्ष पूर्णिमा — 23 दिसंबर 2026, बुधवार
पूर्णिमा 2026 सूची (देहरादून)
| तारीख | पूर्णिमा | तिथि का समय |
|---|---|---|
| 3 जनवरी 2026, शनिवार | पौष पूर्णिमा | 2 जन 18:55 – 3 जन 15:34 |
| 1 फ़रवरी 2026, रविवार | माघ पूर्णिमा | 1 फ़र 05:54 – 2 फ़र 03:41 |
| 3 मार्च 2026, मंगलवार व्रत: 2 मार्च | फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन | 2 मार्च 17:58 – 3 मार्च 17:09 |
| 2 अप्रैल 2026, गुरुवार व्रत: 1 अप्रै | चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती | 1 अप्रै 07:08 – 2 अप्रै 07:43 |
| 1 मई 2026, शुक्रवार | वैशाख पूर्णिमा | 30 अप्रै 21:15 – 1 मई 22:55 |
| 31 मई 2026, रविवार व्रत: 30 मई | अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा | 30 मई 12:00 – 31 मई 14:17 |
| 29 जून 2026, सोमवार | ज्येष्ठ पूर्णिमा वट सावित्री पूर्णिमा | 29 जून 03:08 – 30 जून 05:28 |
| 29 जुलाई 2026, बुधवार व्रत: 28 जुला | आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा | 28 जुला 18:20 – 29 जुला 20:07 |
| 28 अगस्त 2026, शुक्रवार व्रत: 27 अग | श्रावण पूर्णिमा रक्षा बंधन | 27 अग 09:10 – 28 अग 09:49 |
| 26 सितंबर 2026, शनिवार | भाद्रपद पूर्णिमा | 25 सितं 23:08 – 26 सितं 22:20 |
| 26 अक्टूबर 2026, सोमवार व्रत: 25 अक्टू | आश्विन पूर्णिमा शरद पूर्णिमा | 25 अक्टू 11:57 – 26 अक्टू 09:42 |
| 24 नवंबर 2026, मंगलवार | कार्तिक पूर्णिमा देव दीपावली · गुरु नानक जयंती | 23 नवं 23:44 – 24 नवं 20:25 |
| 23 दिसंबर 2026, बुधवार | मार्गशीर्ष पूर्णिमा | 23 दिसं 10:49 – 24 दिसं 06:59 |
पूर्णिमा 2027 सूची (देहरादून)
| तारीख | पूर्णिमा | तिथि का समय |
|---|---|---|
| 22 जनवरी 2027, शुक्रवार | पौष पूर्णिमा | 21 जन 21:31 – 22 जन 17:48 |
| 20 फ़रवरी 2027, शनिवार | माघ पूर्णिमा | 20 फ़र 08:01 – 21 फ़र 04:54 |
| 22 मार्च 2027, सोमवार व्रत: 21 मार्च | फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन | 21 मार्च 18:23 – 22 मार्च 16:15 |
| 20 अप्रैल 2027, मंगलवार | चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती | 20 अप्रै 04:53 – 21 अप्रै 03:58 |
| 20 मई 2027, गुरुवार व्रत: 19 मई | वैशाख पूर्णिमा | 19 मई 16:04 – 20 मई 16:30 |
| 18 जून 2027, शुक्रवार | ज्येष्ठ पूर्णिमा वट सावित्री पूर्णिमा | 18 जून 04:36 – 19 जून 06:15 |
| 18 जुलाई 2027, रविवार व्रत: 17 जुला | आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा | 17 जुला 18:50 – 18 जुला 21:16 |
| 17 अगस्त 2027, मंगलवार व्रत: 16 अग | श्रावण पूर्णिमा रक्षा बंधन | 16 अग 10:30 – 17 अग 13:00 |
| 15 सितंबर 2027, बुधवार | भाद्रपद पूर्णिमा | 15 सितं 02:50 – 16 सितं 04:35 |
| 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार | आश्विन पूर्णिमा शरद पूर्णिमा | 14 अक्टू 18:51 – 15 अक्टू 19:18 |
| 14 नवंबर 2027, रविवार व्रत: 13 नवं | कार्तिक पूर्णिमा देव दीपावली · गुरु नानक जयंती | 13 नवं 09:57 – 14 नवं 08:57 |
| 13 दिसंबर 2027, सोमवार | मार्गशीर्ष पूर्णिमा दत्तात्रेय जयंती | 12 दिसं 23:57 – 13 दिसं 21:40 |
तारीख: देहरादून के सूर्योदय पर पूर्णिमा तिथि (स्नान-दान)। व्रत: जिस दिन सूर्यास्त पर पूर्णिमा हो। समय लगभग हैं, अपने स्थानीय पंचांग से मिलान कर लें।
इस लेख में
Purnima Kab Hai: पूर्णिमा की तारीख कैसे तय होती है?
शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को पूर्णिमा कहते हैं, जब चंद्रमा पूरा दिखाई देता है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी से बनती है, इसलिए पूर्णिमा तिथि दिन के किसी भी समय शुरू हो सकती है — सुबह, दोपहर या आधी रात। पंचांग में दो नियम चलते हैं:
- स्नान-दान की पूर्णिमा: जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि हो (उदया तिथि)। गंगा स्नान, दान और ज़्यादातर पर्व इसी दिन होते हैं।
- पूर्णिमा व्रत: जिस दिन शाम को (सूर्यास्त और चंद्रोदय के समय) पूर्णिमा तिथि हो, क्योंकि व्रत चंद्र दर्शन और चंद्र अर्घ्य से पूरा होता है।
ज़्यादातर महीनों में दोनों एक ही दिन होते हैं। लेकिन जब पूर्णिमा तिथि दोपहर या शाम को शुरू होती है, तो व्रत पहले दिन और स्नान-दान अगले दिन होता है। ऊपर की सूची में ऐसे महीनों में तारीख के नीचे “व्रत” की तारीख अलग से लिखी है।
उदाहरण: शरद पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा 2026
2026 में आश्विन पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर सुबह लगभग 11:57 से 26 अक्टूबर सुबह 9:42 तक थी। 25 अक्टूबर की रात चंद्रमा पूर्णिमा का था, इसलिए शरद पूर्णिमा की खीर और व्रत 25 अक्टूबर को और स्नान-दान 26 अक्टूबर को हुआ। वहीं कार्तिक पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर रात 11:42 से 24 नवंबर रात 8:23 तक है — इसलिए व्रत, स्नान, दान और देव दीपावली सब 24 नवंबर को है।
साल 2026 में 12 या 13 पूर्णिमा?
सामान्य साल में 12 पूर्णिमा होती हैं। लेकिन लगभग हर तीन साल में एक अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) जुड़ता है, तब 13 पूर्णिमा होती हैं। 2026 में ज्येष्ठ अधिक मास है, इसलिए इस साल 13 पूर्णिमा हैं — अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा 31 मई 2026 को है। अधिक मास में विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते, पर पूजा, जप और दान का फल कई गुना माना जाता है।
Purnima Kab Hai 2026: हर महीने की पूर्णिमा और उसके पर्व
| पूर्णिमा | पर्व और विशेषता |
|---|---|
| चैत्र पूर्णिमा | हनुमान जयंती |
| वैशाख पूर्णिमा | बुद्ध पूर्णिमा, कूर्म जयंती |
| ज्येष्ठ पूर्णिमा | वट पूर्णिमा व्रत, कबीर जयंती |
| आषाढ़ पूर्णिमा | गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) |
| श्रावण पूर्णिमा | रक्षा बंधन |
| भाद्रपद पूर्णिमा | पूर्णिमा श्राद्ध — अगले दिन से पितृ पक्ष |
| आश्विन पूर्णिमा | शरद पूर्णिमा (कोजागरी) |
| कार्तिक पूर्णिमा | कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती |
| मार्गशीर्ष पूर्णिमा | दत्तात्रेय जयंती, अन्नपूर्णा जयंती |
| पौष पूर्णिमा | शाकंभरी जयंती, माघ स्नान आरंभ |
| माघ पूर्णिमा | माघ पूर्णिमा स्नान, संत रविदास जयंती |
| फाल्गुन पूर्णिमा | होलिका दहन |
किसी भी महीने के लिए Purnima Kab Hai जानने को ऊपर की सूची देखें, और पूरे साल के व्रत और त्योहार हमारे व्रत-त्योहार कैलेंडर में देखें।
Purnima Kab Hai जानने के बाद: पूर्णिमा व्रत विधि
- सुबह: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में या घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- संकल्प: भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें। अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार या एक समय भोजन का व्रत रखें।
- पूजा: भगवान विष्णु / सत्यनारायण जी को पीले फूल, तुलसी दल, पंचामृत, केले और पंजीरी का भोग लगाएँ और घी का दीपक जलाएँ।
- कथा: परिवार के साथ सत्यनारायण व्रत कथा सुनें और ॐ जय जगदीश हरे आरती करें।
- चंद्र अर्घ्य: शाम को चंद्रोदय के बाद लोटे में जल, कच्चा दूध, चावल और सफ़ेद फूल डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और “ॐ सों सोमाय नमः” का जाप करें।
- दान: अन्न, वस्त्र, दूध, चावल या मिठाई का दान करें, फिर प्रसाद लेकर व्रत खोलें।
पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा
पूर्णिमा पर घर-घर में सत्यनारायण व्रत कथा होती है। स्कंद पुराण के रेवा खंड में वर्णित इस कथा में पाँच अध्याय हैं। पहले अध्याय में नारद मुनि के पूछने पर भगवान विष्णु स्वयं कलियुग में दुखों से मुक्ति के लिए सत्यनारायण व्रत बताते हैं। आगे की कथाओं में एक गरीब ब्राह्मण, लकड़हारा, राजा उल्कामुख, साधु वैश्य और उसकी बेटी कलावती तथा राजा तुंगध्वज की कहानियाँ आती हैं, जो बताती हैं कि व्रत का संकल्प लेकर उसे भूलने या प्रसाद का अनादर करने से कष्ट आते हैं, और श्रद्धा से व्रत करने पर सुख-समृद्धि मिलती है।
कथा के लिए केले के पत्तों से मंडप सजाएँ, चौकी पर सत्यनारायण भगवान का चित्र रखें और गेहूँ के आटे की पंजीरी, पंचामृत और केले का प्रसाद बनाएँ। कथा के बाद आरती करें और सबमें प्रसाद बाँटें — प्रसाद को कभी मना नहीं करना चाहिए।
पूर्णिमा व्रत में क्या खाएँ
- फल, दूध, दही, मेवे और नारियल पानी
- साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा या राजगिरा के आटे से बने व्यंजन
- आलू, शकरकंद और सेंधा नमक से बनी सब्ज़ी
- शाम को चंद्र अर्घ्य के बाद खीर या सात्विक भोजन — शरद पूर्णिमा पर चाँदनी में रखी खीर का विशेष महत्व है
- बीमार, गर्भवती महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार रखें और ज़रूरत हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
पूर्णिमा पर क्या करें, क्या न करें
| क्या करें | क्या न करें |
|---|---|
| गंगा या पवित्र नदी में स्नान | तामसिक भोजन, मांस-मदिरा |
| सत्यनारायण कथा और विष्णु पूजा | क्रोध, झगड़ा और कटु वचन |
| चंद्रमा को अर्घ्य, माता लक्ष्मी की पूजा | किसी का अपमान, खासकर बुज़ुर्गों और स्त्रियों का |
| पीपल और तुलसी के पास दीपक | घर में गंदगी और अँधेरा — शाम को दीपक ज़रूर जलाएँ |
| ज़रूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान | व्रत के दिन दिन में सोना |
पूर्णिमा का महत्व
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। ज्योतिष में चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए पूर्णिमा का व्रत मन की शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए शुभ माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रिय है — इसी कारण घर-घर सत्यनारायण कथा होती है। कई बड़े पर्व — गुरु पूर्णिमा, रक्षा बंधन, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली — पूर्णिमा पर ही आते हैं।
पूर्णिमा के अगले दिन से कृष्ण पक्ष शुरू होता है और लगभग पंद्रह दिन बाद अमावस्या आती है। अगली अमावस्या के लिए अमावस्या कब है और एकादशी के लिए एकादशी कब है पेज देखें। आज की तिथि और नक्षत्र आज का पंचांग में देखें।
Purnima Kab Hai — in English
When is Purnima? The box at the top shows the next Purnima (full moon) for your city — its date, tithi timings, the snan-daan day and the Purnima vrat day — followed by the full Purnima list for this year and next. The holy bath and charity are done on the day Purnima prevails at sunrise; the fast is kept on the day it prevails in the evening, for the moon arghya. Read more on Wikipedia.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Purnima Kab Hai? अगली पूर्णिमा कब है?
अगली पूर्णिमा की तारीख, पूर्णिमा तिथि का समय और व्रत का दिन इस पेज के सबसे ऊपर वाले बॉक्स में आपके शहर के अनुसार अपने-आप दिखता है। हर महीने एक पूर्णिमा आती है, यानी साल में 12 — और अधिक मास वाले साल में 13।
आज पूर्णिमा है क्या?
अगर आज पूर्णिमा है, तो ऊपर के बॉक्स में “आज पूर्णिमा है” लिखा दिखेगा। स्नान-दान की तारीख सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) से तय होती है, इसलिए अपना शहर चुनकर देखें।
पूर्णिमा व्रत और स्नान-दान अलग-अलग दिन क्यों होते हैं?
जब पूर्णिमा तिथि शाम को शुरू होती है, तो उस शाम चंद्रमा पूर्णिमा का होता है — इसलिए व्रत और चंद्र पूजा उसी दिन होती है। अगले दिन सूर्योदय पर भी पूर्णिमा रहती है, इसलिए गंगा स्नान और दान अगली सुबह किया जाता है।
पूर्णिमा व्रत कैसे करें?
सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें, भगवान विष्णु या सत्यनारायण जी की पूजा करें और कथा सुनें। दिन में फलाहार रखें और शाम को चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को दूध मिला जल अर्पित करके व्रत खोलें।
साल 2026 में कितनी पूर्णिमा हैं?
2026 में 13 पूर्णिमा हैं, क्योंकि इस साल ज्येष्ठ अधिक मास है। अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा 31 मई 2026 को है।
When is the next Purnima?
The next Purnima date, tithi timings and fasting day for your city are shown in the box at the top of this page and update automatically. There is one Purnima every lunar month — 12 in a year, or 13 in a year with an Adhik month.