Shri Jankinath Ji Ki Aarti (श्री जानकीनाथ जी की आरती) “ॐ जय जानकीनाथा, जय श्री रघुनाथा” भगवान श्रीराम — जानकी (सीता) के नाथ — की आरती है। इसमें पूरे राम दरबार का सुंदर चित्र है: राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, नगाड़ा बजाते हनुमान और सोने की थाली से आरती उतारती माता कौशल्या। राम नवमी, दशहरा, दीपावली और रामायण पाठ के बाद यह आरती गाई जाती है। अंतिम पद में “मनीराम” की छाप है। नीचे संपूर्ण आरती हिंदी और English में, अर्थ और विधि दी गई है।

इस लेख में
Jankinath Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi — ॐ जय जानकीनाथा
ॐ जय जानकीनाथा, जय श्री रघुनाथा।
दोउ कर जोरें बिनवौं, प्रभु! सुनिये बाता॥
तुम रघुनाथ हमारे, प्राण पिता माता।
तुम ही सज्जन-संगी, भक्ति मुक्ति दाता॥
॥ ॐ जय जानकीनाथा…॥
लख चौरासी काटो, मेटो यम त्रासा।
निशदिन प्रभु मोहि रखिये, अपने ही पासा॥
॥ ॐ जय जानकीनाथा…॥
राम भरत लछिमन, सँग शत्रुहन भैया।
जगमग ज्योति विराजै, शोभा अति लहिया॥
॥ ॐ जय जानकीनाथा…॥
हनुमत नाद बजावत, नेवर झमकाता।
स्वर्णथाल कर आरती, करत कौशल्या माता॥
॥ ॐ जय जानकीनाथा…॥
सुभग मुकुट सिर, धनु सर, कर शोभा भारी।
मनीराम दर्शन करि, पल-पल बलिहारी॥
॥ ॐ जय जानकीनाथा…॥
जय जानकिनाथा, हो प्रभु जय श्री रघुनाथा।
हो प्रभु जय सीता माता, हो प्रभु जय लक्ष्मण भ्राता॥
॥ ॐ जय जानकीनाथा…॥
हो प्रभु जय चारौं भ्राता, हो प्रभु जय हनुमत दासा।
दोउ कर जोड़े विनवौं, प्रभु मेरी सुनो बाता॥
॥ ॐ जय जानकीनाथा…॥
Jankinath Ji Ki Aarti Lyrics in English
Om Jai Jankinatha, Jai Shri Raghunatha,
Dou Kar Joren Binvaun, Prabhu! Suniye Baata.
Tum Raghunath Hamare, Pran Pita Mata,
Tum Hi Sajjan-Sangi, Bhakti Mukti Data.
॥ Om Jai Jankinatha… ॥
Lakh Chaurasi Kato, Meto Yam Trasa,
Nishdin Prabhu Mohi Rakhiye, Apne Hi Pasa.
॥ Om Jai Jankinatha… ॥
Ram Bharat Lachhiman, Sang Shatruhan Bhaiya,
Jagmag Jyoti Virajai, Shobha Ati Lahiya.
॥ Om Jai Jankinatha… ॥
Hanumat Naad Bajavat, Nevar Jhamkata,
Swarnthaal Kar Aarti, Karat Kaushalya Mata.
॥ Om Jai Jankinatha… ॥
Subhag Mukut Sir, Dhanu Sar, Kar Shobha Bhari,
Maniram Darshan Kari, Pal-Pal Balihari.
॥ Om Jai Jankinatha… ॥
Jai Jankinatha, Ho Prabhu Jai Shri Raghunatha,
Ho Prabhu Jai Sita Mata, Ho Prabhu Jai Lakshman Bhrata.
॥ Om Jai Jankinatha… ॥
Ho Prabhu Jai Chaaraun Bhrata, Ho Prabhu Jai Hanumat Dasa,
Dou Kar Jode Vinvaun, Prabhu Meri Suno Baata.
॥ Om Jai Jankinatha… ॥
Jankinath Ji Ki Aarti का अर्थ
- टेक: हे जानकी के नाथ, हे श्री रघुनाथ, आपकी जय हो — दोनों हाथ जोड़कर विनती करता हूँ, प्रभु, मेरी बात सुनिए।
- सब कुछ आप: हे रघुनाथ, आप ही हमारे प्राण, पिता और माता हैं; आप ही सज्जनों के साथी और भक्ति-मुक्ति देने वाले हैं।
- प्रार्थना: चौरासी लाख योनियों का चक्र काट दीजिए और यमराज का भय मिटा दीजिए; हे प्रभु, मुझे दिन-रात अपने पास ही रखिए।
- राम दरबार: राम, भरत, लक्ष्मण और साथ में भाई शत्रुघ्न विराजमान हैं; जगमगाती ज्योति है और अपार शोभा है।
- आरती का दृश्य: हनुमान जी नगाड़ा बजाते हैं, पैरों के घुँघरू झमकते हैं, और माता कौशल्या सोने की थाली से आरती उतारती हैं।
- श्रीराम का रूप: सिर पर सुंदर मुकुट, हाथों में धनुष-बाण की भारी शोभा — मनीराम उनके दर्शन कर पल-पल बलिहारी जाते हैं।
- सबकी जय: जानकीनाथ, रघुनाथ, सीता माता, भाई लक्ष्मण, चारों भाइयों और दास हनुमान की जय — दोनों हाथ जोड़कर विनती है, प्रभु, मेरी बात सुनिए।
Jankinath Ji Ki Aarti की विधि
- चौकी पर राम दरबार का चित्र रखें; श्रीराम को पीले वस्त्र, तुलसी, फूलों की माला और चंदन चढ़ाएँ।
- हनुमान जी को सिंदूर और लड्डू, माता सीता को लाल चुनरी अर्पित करें।
- “श्री राम जय राम जय जय राम” का जप करें या श्री राम स्तुति पढ़ें।
- घी का दीपक जलाकर यह आरती गाएँ; रामायण पाठ के बाद पहले रामायण जी की आरती और फिर यह आरती गाई जाती है।
Jankinath Ji Ki Aarti के 7 नियम
- आरती खड़े होकर, घी या कपूर के दीपक से करें और दीपक को घड़ी की दिशा में घुमाएँ।
- पहले चरणों की ओर 4 बार, नाभि की ओर 2 बार, मुख की ओर 1 बार और फिर पूरे विग्रह की 7 बार आरती उतारें।
- आरती से पहले भगवान को भोग लगाएँ, फिर आरती करें।
- आरती के समय शंख, घंटी या ताली बजाएँ — मन एकाग्र रहता है।
- आरती के बीच में उठें नहीं और बात न करें।
- आरती के बाद दोनों हाथों से आरती लें और प्रसाद बाँटें।
- उच्चारण साफ़ रखें; जल्दबाज़ी न करें, भाव से गाएँ।
श्री जानकीनाथ जी की आरती के लाभ
- मान्यता है कि घर में मर्यादा, प्रेम और सुख-शांति रहती है।
- भय और यम-त्रास से मुक्ति की प्रार्थना पूरी होती है।
- परिवार में भाइयों के बीच प्रेम बढ़ता है — राम दरबार की तरह।
- हनुमान जी की कृपा भी साथ मिलती है।
रामायण जी की आरती, श्री राम स्तुति, राम चालीसा और हनुमान चालीसा भी पढ़ें। अधिक जानकारी Wikipedia पर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
“जानकीनाथ” का क्या अर्थ है?
जानकी यानी राजा जनक की पुत्री सीता, और नाथ यानी स्वामी — जानकीनाथ यानी श्रीराम।
यह आरती कब गाई जाती है?
राम नवमी, दशहरा, दीपावली, विवाह पंचमी, सुंदरकांड और रामायण पाठ के बाद, और रोज़ की संध्या पूजा में।
आरती में “मनीराम” कौन हैं?
छठे पद में “मनीराम दर्शन करि” आता है — मनीराम को इस आरती का रचयिता माना जाता है।
आरती में राम दरबार में कौन-कौन है?
श्रीराम, सीता माता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी; माता कौशल्या आरती उतारती हैं।