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मंगलवार, 3 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण नवमी · वि.सं. 2083 आज का पंचांग → हिंदीEnglish
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त्योहार काउंटडाउन — दिवाली, होली और बड़े त्योहारों में कितने दिन बाकी

इस त्योहार काउंटडाउन (Festival Countdown) से तुरंत जानें कि दिवाली में कितने दिन बाकी हैं, होली कब है, या अगला बड़ा त्योहार कितनी दूर है। पेज खोलते ही अगले बड़े हिंदू त्योहार का बड़ा, चलता हुआ काउंटडाउन दिखता है — दिन, घंटे, मिनट और सेकंड में। चाहें तो सूची से कोई दूसरा त्योहार चुनकर उसका काउंटडाउन देख सकते हैं। नीचे अगले 12 महीनों के सभी प्रमुख त्योहारों की सूची भी है — तारीख, वार और कितने दिन बाकी, सब एक साथ।

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अगले 12 महीनों के बड़े त्योहार

त्योहारतारीखकितने दिन बाकी
धनतेरस6 नवंबर 2026
शुक्रवार
3 दिन
छोटी दीपावली7 नवंबर 2026
शनिवार
4 दिन
नरक चतुर्दशी · अभ्यंग स्नान8 नवंबर 2026
रविवार
5 दिन
दीपावली · लक्ष्मी पूजन8 नवंबर 2026
रविवार
5 दिन
गोवर्धन पूजा · अन्नकूट10 नवंबर 2026
मंगलवार
7 दिन
भाई दूज11 नवंबर 2026
बुधवार
8 दिन
छठ पूजा15 नवंबर 2026
रविवार
12 दिन
अक्षय नवमी · आंवला नवमी18 नवंबर 2026
बुधवार
15 दिन
तुलसी विवाह21 नवंबर 2026
शनिवार
18 दिन
कार्तिक पूर्णिमा · देव दीपावली · गुरु नानक जयंती24 नवंबर 2026
मंगलवार
21 दिन
काल भैरव जयंती1 दिसंबर 2026
मंगलवार
28 दिन
विवाह पंचमी14 दिसंबर 2026
सोमवार
41 दिन
गीता जयंती20 दिसंबर 2026
रविवार
47 दिन
दत्तात्रेय जयंती24 दिसंबर 2026
गुरुवार
51 दिन
मकर संक्रांति14 जनवरी 2027
गुरुवार
72 दिन
बसंत पंचमी · सरस्वती पूजा11 फ़रवरी 2027
गुरुवार
100 दिन
महाशिवरात्रि6 मार्च 2027
शनिवार
123 दिन
होलिका दहन21 मार्च 2027
रविवार
138 दिन
होली23 मार्च 2027
मंगलवार
140 दिन
चैत्र नवरात्रि आरंभ · हिंदू नववर्ष7 अप्रैल 2027
बुधवार
155 दिन
मेष संक्रांति · बैसाखी14 अप्रैल 2027
बुधवार
162 दिन
राम नवमी15 अप्रैल 2027
गुरुवार
163 दिन
हनुमान जयंती20 अप्रैल 2027
मंगलवार
168 दिन
अक्षय तृतीया9 मई 2027
रविवार
187 दिन
वट सावित्री पूर्णिमा18 जून 2027
शुक्रवार
227 दिन
जगन्नाथ रथ यात्रा5 जुलाई 2027
सोमवार
244 दिन
गुरु पूर्णिमा18 जुलाई 2027
रविवार
257 दिन
हरियाली तीज5 अगस्त 2027
गुरुवार
275 दिन
नाग पंचमी6 अगस्त 2027
शुक्रवार
276 दिन
रक्षा बंधन17 अगस्त 2027
मंगलवार
287 दिन
श्री कृष्ण जन्माष्टमी24 अगस्त 2027
मंगलवार
294 दिन
हरतालिका तीज3 सितंबर 2027
शुक्रवार
304 दिन
गणेश चतुर्थी4 सितंबर 2027
शनिवार
305 दिन
अनंत चतुर्दशी14 सितंबर 2027
मंगलवार
315 दिन
पितृ पक्ष आरंभ16 सितंबर 2027
गुरुवार
317 दिन
सर्वपितृ अमावस्या30 सितंबर 2027
गुरुवार
331 दिन
शारदीय नवरात्रि आरंभ30 सितंबर 2027
गुरुवार
331 दिन
दुर्गा अष्टमी7 अक्टूबर 2027
गुरुवार
338 दिन
महानवमी9 अक्टूबर 2027
शनिवार
340 दिन
दशहरा · विजयादशमी9 अक्टूबर 2027
शनिवार
340 दिन
शरद पूर्णिमा15 अक्टूबर 2027
शुक्रवार
346 दिन
करवा चौथ18 अक्टूबर 2027
सोमवार
349 दिन
अहोई अष्टमी22 अक्टूबर 2027
शुक्रवार
353 दिन

तिथियाँ पंचांग से भारत (दिल्ली) के समय अनुसार निकाली गई हैं और हर दिन अपने-आप अपडेट होती हैं। कुछ त्योहार स्थान या परंपरा के अनुसार एक दिन आगे-पीछे मनाए जाते हैं।

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यह त्योहार काउंटडाउन कैसे काम करता है?

हिंदू त्योहारों की तारीख हर साल अलग होती है, इसलिए किसी पुराने कैलेंडर से गिनती करना भरोसेमंद नहीं रहता। यह टूल हर त्योहार की तारीख पंचांग की गणना से निकालता है — यानी चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से तिथि और महीना निकालकर तय करता है कि त्योहार किस दिन पड़ेगा।

  • बड़ा लाइव काउंटडाउन: अगले बड़े त्योहार तक बचे दिन, घंटे, मिनट और सेकंड, जो हर सेकंड अपडेट होते हैं।
  • त्योहार बदलने का विकल्प: दिवाली की जगह होली, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी या कोई और त्योहार चुनकर उसकी उलटी गिनती देखें।
  • 12 महीनों की सूची: अगले 12 महीनों के प्रमुख हिंदू त्योहार — तारीख, वार और बचे हुए दिनों के साथ।
  • अपने आप अपडेट: सूची हर दिन अपने आप आगे बढ़ती है। जो त्योहार बीत जाता है, उसकी जगह आगे का त्योहार आ जाता है — पेज को किसी साल के लिए दोबारा बदलना नहीं पड़ता।

ध्यान दें: तारीखें भारत (दिल्ली) के पंचांग के अनुसार निकाली जाती हैं। भारत के ज़्यादातर हिस्सों में यही तारीख रहती है, पर कभी-कभी तिथि के समय के कारण किसी दूसरे शहर या क्षेत्रीय पंचांग में त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। विदेश में, खासकर अमेरिका जैसे दूर के समय क्षेत्रों में, स्थानीय पंचांग की तारीख भारत से एक दिन अलग हो सकती है। पूजा का सही मुहूर्त अपने स्थानीय पंचांग या पुरोहित से ज़रूर मिला लें।

त्योहारों की तारीख हर साल क्यों बदलती है?

अंग्रेज़ी (ग्रेगोरियन) कैलेंडर सूर्य पर आधारित है, जबकि ज़्यादातर हिंदू त्योहार चंद्र मास और तिथि से तय होते हैं। जैसे — दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को है, होली फाल्गुन की पूर्णिमा पर। हर साल वही तिथि अंग्रेज़ी कैलेंडर की किसी अलग तारीख पर पड़ती है।

  1. चंद्र वर्ष छोटा है: 12 चंद्र मास मिलकर लगभग 354 दिन के होते हैं, यानी सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटे। इसलिए अगले साल वही त्योहार लगभग 11 दिन पहले आ जाता है।
  2. अधिक मास संतुलन बनाता है: यह अंतर बढ़ता न जाए, इसलिए लगभग हर 32–33 महीने में एक अतिरिक्त मास (अधिक मास या पुरुषोत्तम मास) जोड़ा जाता है। जिस साल अधिक मास आता है, उसके बाद के त्योहार लगभग 18–19 दिन देर से आते हैं।
  3. नतीजा: त्योहार हर साल लगभग एक महीने की सीमा में आगे-पीछे होते रहते हैं, पर मौसम से नहीं भटकते। दिवाली हमेशा अक्टूबर–नवंबर में, होली फरवरी–मार्च में ही आती है।

कुछ पर्व सूर्य पर आधारित हैं — जैसे मकर संक्रांति, जो सूर्य के निरयण मकर राशि में प्रवेश से तय होती है। इसलिए यह लगभग हर साल 14 या 15 जनवरी को ही पड़ती है।

तिथि किस समय की देखी जाती है?

सामान्य नियम यह है कि सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) पूरे दिन की तिथि मानी जाती है। पर कई त्योहारों में पूजा के समय की तिथि देखी जाती है। जैसे — दिवाली की लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में अमावस्या होने पर, जन्माष्टमी आधी रात (निशीथ काल) की अष्टमी पर, गणेश चतुर्थी मध्याह्न की चतुर्थी पर, महाशिवरात्रि निशीथ काल की चतुर्दशी पर, और होलिका दहन प्रदोष काल की पूर्णिमा पर (भद्रा को टालकर) मनाया जाता है। इसी कारण कभी-कभी पंचांगों में त्योहार की तारीख को लेकर मतभेद दिखता है।

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प्रमुख हिंदू त्योहार और उनकी तिथि

नीचे प्रमुख त्योहारों की तिथि दी गई है। महीनों के नाम पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत में प्रचलित) के अनुसार हैं। अमांत पंचांग (गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत) में कृष्ण पक्ष वाले त्योहारों का महीना एक पहले का कहलाता है, पर दिन वही रहता है। इस साल की सटीक तारीख ऊपर के टूल में देखें।

त्योहारतिथि (पूर्णिमांत)आमतौर पर किस महीने में
मकर संक्रांतिसूर्य का मकर राशि में प्रवेश (सौर पर्व)14–15 जनवरी
वसंत पंचमीमाघ शुक्ल पंचमीजनवरी–फरवरी
महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (अमांत में माघ)फरवरी–मार्च
होलिका दहन / होलीफाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन, अगले दिन रंगों की होलीफरवरी–मार्च
चैत्र नवरात्रि / राम नवमीचैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी; नवमी को राम नवमीमार्च–अप्रैल
हनुमान जयंती (उत्तर भारत)चैत्र पूर्णिमामार्च–अप्रैल
अक्षय तृतीयावैशाख शुक्ल तृतीयाअप्रैल–मई
गुरु पूर्णिमाआषाढ़ पूर्णिमाजून–जुलाई
रक्षाबंधनश्रावण पूर्णिमाजुलाई–अगस्त
जन्माष्टमीभाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अमांत में श्रावण)अगस्त–सितंबर
गणेश चतुर्थीभाद्रपद शुक्ल चतुर्थीअगस्त–सितंबर
शारदीय नवरात्रिआश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमीसितंबर–अक्टूबर
दशहरा (विजयादशमी)आश्विन शुक्ल दशमीसितंबर–अक्टूबर
करवा चौथकार्तिक कृष्ण चतुर्थी (अमांत में आश्विन)अक्टूबर–नवंबर
धनतेरसकार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (अमांत में आश्विन)अक्टूबर–नवंबर
दिवालीकार्तिक अमावस्या (अमांत में आश्विन अमावस्या)अक्टूबर–नवंबर
भाई दूजकार्तिक शुक्ल द्वितीयाअक्टूबर–नवंबर
छठ पूजाकार्तिक शुक्ल षष्ठीअक्टूबर–नवंबर

दीपोत्सव के पाँच दिन

“दिवाली में कितने दिन बाकी” पूछने वाले अक्सर पूरे दीपोत्सव की तैयारी करते हैं, जो सामान्यतः पाँच दिन का होता है: धनतेरस (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी), नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली (कृष्ण चतुर्दशी), दिवाली और लक्ष्मी पूजन (अमावस्या), गोवर्धन पूजा (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा) और भाई दूज (शुक्ल द्वितीया)। तिथियों के घटने-बढ़ने से कभी-कभी दो पर्व एक ही दिन पड़ जाते हैं या बीच में एक दिन का अंतर आ जाता है, इसलिए हर साल क्रम एक-सा नहीं दिखता। दूर रहते हुए भी दीपक जलाकर भाव प्रकट करना चाहें तो ऑनलाइन दीया भी जला सकते हैं।

टूल की सूची में कौन-कौन से त्योहार शामिल हैं, यह ऊपर के काउंटडाउन में देखें। हर महीने की एकादशी की तारीख के लिए एकादशी कब है पेज, और सभी व्रतों के लिए व्रत कैलेंडर देखें।

कितने दिन बाकी — उसके हिसाब से तैयारी

त्योहार का असली आनंद तैयारी में भी है। काउंटडाउन देखकर इस तरह धीरे-धीरे, बिना हड़बड़ी के तैयारी कर सकते हैं:

एक महीना या उससे ज़्यादा बाकी

  • परिवार के साथ योजना बनाएँ — कौन कहाँ होगा, घर आना-जाना हो तो टिकट पहले से।
  • खर्च का सरल बजट बनाएँ, ताकि त्योहार बोझ न बने।
  • दिवाली से पहले घर की बड़ी सफ़ाई और मरम्मत का काम धीरे-धीरे शुरू करें।

लगभग 15 दिन बाकी

  • पूजा सामग्री, दीये, बत्ती और ज़रूरी चीज़ों की सूची बना लें।
  • ज़रूरतमंदों के लिए कपड़े, मिठाई या अनाज के दान की योजना बनाएँ — त्योहार की खुशी बाँटने से बढ़ती है।
  • नवरात्रि हो तो व्रत के नियम और घटस्थापना की तैयारी पहले से समझ लें।

एक सप्ताह बाकी

  • घर की सजावट, रंगोली के डिज़ाइन और प्रसाद-पकवान तय करें।
  • बच्चों को त्योहार की कथा सुनाएँ — होली पर प्रह्लाद और होलिका, दशहरे पर श्रीराम की विजय, दिवाली पर श्रीराम का अयोध्या लौटना और लक्ष्मी पूजन।
  • होली हो तो प्राकृतिक, सुरक्षित रंग चुनें।

1–3 दिन बाकी

  • पूजा विधि एक बार पढ़ लें — दिवाली के लिए दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि उपयोगी है।
  • अपने शहर का पूजा मुहूर्त आज का पंचांग या स्थानीय पंचांग से देख लें।
  • व्रत रखना हो तो एक दिन पहले हल्का, सात्त्विक भोजन लें।

त्योहार का दिन

  • सुबह स्नान करके घर के मंदिर में दीपक जलाएँ और इष्टदेव को प्रणाम करें।
  • परिवार के साथ पूजा, बड़ों का आशीर्वाद और यथाशक्ति दान करें।
  • दूर रहने वाले परिजनों से बात करें — त्योहार का सबसे सुंदर रूप मिलना-जुलना ही है।

त्योहार की तारीखों से जुड़े भ्रम और तथ्य

  • भ्रम: दिवाली हर साल लगभग एक ही तारीख पर होती है। तथ्य: दिवाली कार्तिक अमावस्या पर होती है, जिसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने की सीमा में बदलती है।
  • भ्रम: पिछले साल की तारीख से 365 दिन जोड़ दें तो अगला त्योहार मिल जाएगा। तथ्य: चंद्र वर्ष लगभग 354 दिन का है और अधिक मास भी आता है, इसलिए ऐसी गिनती गलत होती है।
  • भ्रम: दो पंचांगों में अलग तारीख हो तो एक गलत है। तथ्य: कई त्योहार पूजा के समय (प्रदोष, मध्याह्न, निशीथ) की तिथि से तय होते हैं और स्थान बदलने से वह समय बदल जाता है; इसलिए कभी-कभी दोनों अपनी जगह सही होते हैं।
  • भ्रम: मकर संक्रांति भी हर साल बदलती है। तथ्य: यह सौर पर्व है, इसलिए लगभग हमेशा 14 या 15 जनवरी को ही आता है।

Festival Countdown — in English

This festival countdown shows a live timer in days, hours, minutes and seconds to the next big Hindu festival, and you can pick another festival to count down to — handy for questions like “Diwali kitne din baki hai” or “Holi kitne din baki”. Below it is a list of the major Hindu festivals in the next 12 months with date, weekday and days left. Dates are calculated from the panchang for India (Delhi) and the list updates automatically every day; local dates can occasionally differ by a day in other cities or abroad. Switch to English at the top of the page for the full English version.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

दिवाली में कितने दिन बाकी हैं?

ऊपर के काउंटडाउन में दिवाली चुनें — दिन, घंटे, मिनट और सेकंड में बचा हुआ समय तुरंत दिख जाएगा। तारीख पंचांग से भारत (दिल्ली) के अनुसार निकाली जाती है।

diwali kitne din baki hai?

काउंटडाउन टूल में दिवाली चुनें, बचे हुए दिन और समय लाइव दिखेंगे। नीचे की सूची में दिवाली की तारीख और वार भी दिया होता है।

holi kitne din baki hai?

टूल में होली चुनें और उसका लाइव काउंटडाउन देखें। होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा को और रंगों की होली उसके अगले दिन होती है।

अगला बड़ा त्योहार कब है?

पेज खोलते ही अगले बड़े हिंदू त्योहार का काउंटडाउन अपने आप दिखता है। नीचे अगले 12 महीनों के सभी प्रमुख त्योहारों की सूची भी है।

tyohar kab hai, यह कैसे पता करें?

इस पेज की सूची में अगले 12 महीनों के प्रमुख त्योहार तारीख, वार और बचे दिनों के साथ दिए गए हैं। सूची हर दिन अपने आप अपडेट होती है।

हिंदू त्योहारों की तारीख हर साल क्यों बदलती है?

ज़्यादातर त्योहार चंद्र मास और तिथि से तय होते हैं। चंद्र वर्ष लगभग 354 दिन का है और बीच-बीच में अधिक मास जुड़ता है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने की सीमा में बदलती है।

दिवाली किस तिथि को मनाई जाती है?

दिवाली कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमांत) को मनाई जाती है; अमांत पंचांग में इसे आश्विन अमावस्या कहते हैं। लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में अमावस्या होने पर की जाती है।

रक्षाबंधन और जन्माष्टमी किस तिथि को होते हैं?

रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा को और जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमांत) को मनाई जाती है। जन्माष्टमी में आधी रात की अष्टमी देखी जाती है।

महाशिवरात्रि और गणेश चतुर्थी की तिथि क्या है?

महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत) को और गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है।

दशहरा और नवरात्रि कब होते हैं?

शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक और दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को होता है। चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होकर राम नवमी पर पूर्ण होती है।

मकर संक्रांति की तारीख क्यों नहीं बदलती?

मकर संक्रांति सौर पर्व है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से तय होता है। इसलिए यह लगभग हर साल 14 या 15 जनवरी को ही आती है।

टूल में त्योहार की तारीख किस शहर के अनुसार है?

तारीखें भारत (दिल्ली) के पंचांग के अनुसार हैं। कभी-कभी दूसरे शहर, क्षेत्रीय पंचांग या विदेश में तारीख एक दिन अलग हो सकती है, इसलिए पूजा मुहूर्त स्थानीय पंचांग से मिला लें।

अलग-अलग पंचांगों में त्योहार की तारीख अलग क्यों होती है?

कई त्योहार पूजा के समय (प्रदोष, मध्याह्न या निशीथ काल) की तिथि से तय होते हैं, और स्थान बदलने से यह समय बदल जाता है। साथ ही पूर्णिमांत और अमांत पंचांग में महीनों के नाम भी अलग होते हैं।

क्या यह सूची हर साल बदलनी पड़ती है?

नहीं। तारीखें पंचांग की गणना से निकलती हैं और सूची हर दिन अपने आप आगे बढ़ती है, इसलिए हमेशा अगले 12 महीनों के त्योहार दिखते हैं।

त्योहार की तैयारी कब से शुरू करें?

एक महीना पहले योजना, बजट और सफ़ाई; लगभग 15 दिन पहले पूजा सामग्री और दान की योजना; एक सप्ताह पहले सजावट और प्रसाद; और 1–3 दिन पहले पूजा विधि व मुहूर्त देख लें।