Bhai Dooj Puja Vidhi (भाई दूज पूजा विधि) में बहन भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी आयु और सुख की कामना करती है। वर्ष 2026 में भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर को है। यह कार्तिक शुक्ल द्वितीया का पर्व है, जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं, और इसी के साथ दीपोत्सव पूरा होता है। नीचे Bhai Dooj Puja Vidhi, तिलक का शुभ समय, थाली की सामग्री और कथा दी गई है।

इस लेख में
भाई दूज 2026: तारीख और तिलक मुहूर्त
| विवरण | समय (2026) |
|---|---|
| भाई दूज | बुधवार, 11 नवंबर 2026 |
| द्वितीया तिथि आरंभ | 10 नवंबर, दोपहर 2:01 |
| द्वितीया तिथि समाप्त | 11 नवंबर, दोपहर 3:55 |
| अपराह्न (तिलक) समय — दिल्ली | दोपहर 1:09 से 3:19 तक |
| अपराह्न समय — मुंबई | दोपहर 1:30 से 3:45 तक |
| अपराह्न समय — पटना | दोपहर 12:39 से 2:50 तक |
| अपराह्न समय — लखनऊ | दोपहर 12:55 से 3:06 तक |
शास्त्रों में भाई दूज का तिलक अपराह्न काल (दिन का चौथा भाग) में करना सबसे शुभ बताया गया है। इस वर्ष द्वितीया तिथि 11 नवंबर को दोपहर 3:55 तक है, इसलिए अपराह्न का पूरा समय द्वितीया में ही आता है। यदि इस समय तिलक संभव न हो, तो द्वितीया तिथि रहते किसी भी समय तिलक कर सकते हैं। अपने शहर का सूर्योदय-सूर्यास्त आज के पंचांग में देखें।
Bhai Dooj Puja Vidhi: थाली की सामग्री
- रोली या कुमकुम और अक्षत (साबुत चावल)
- घी का दीपक
- कलावा (मौली)
- मिठाई, मिश्री या बताशे
- नारियल का गोला (सूखा नारियल) — कई परिवारों में भाई को गोला देने की परंपरा है
- पान, सुपारी, फूल और थोड़ा गंगाजल
- भाई के लिए भोजन — बहन के हाथ का बना खाना इस दिन की ख़ास परंपरा है
भाई दूज पूजा विधि — स्टेप बाय स्टेप
- सुबह स्नान करके बहन पूजा की थाली सजाए। कई घरों में पहले यमराज, यमुना जी, चित्रगुप्त जी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
- आँगन या पूजा स्थान पर आटे या चावल के घोल से चौक बनाएँ और उस पर भाई के बैठने के लिए आसन या पीढ़ा रखें।
- शुभ मुहूर्त में भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बिठाएँ। सिर ढकने के लिए रूमाल रखें।
- बहन भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाए और उस पर अक्षत लगाए।
- भाई की कलाई पर कलावा बाँधें, हाथ में नारियल का गोला, पान और सुपारी दें।
- दीपक से भाई की आरती उतारें और उसकी लंबी आयु, सुख और सफलता की प्रार्थना करें।
- भाई को मिठाई खिलाएँ। भाई बहन को उपहार या शगुन दे और उसका आशीर्वाद ले।
- इस दिन भाई बहन के घर भोजन करे — यही भाई दूज की सबसे पुरानी परंपरा है।
भाई दूज की कथा — यम और यमुना
सूर्य देव की संतान यमराज और यमुना भाई-बहन हैं। यमुना बार-बार अपने भाई को घर आने का निमंत्रण देती थीं, पर यमराज अपने काम में व्यस्त रहते थे। एक दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीया को वे अचानक बहन के घर पहुँचे। यमुना ने बड़े प्रेम से उनका स्वागत किया, तिलक लगाया और स्वादिष्ट भोजन कराया।
प्रसन्न होकर यमराज ने वर माँगने को कहा। यमुना ने माँगा कि हर वर्ष इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाकर उसके हाथ से तिलक लगवाए और भोजन करे, उसे यम का भय न हो। यमराज ने “तथास्तु” कहा। तभी से यह दिन यम द्वितीया और भाई दूज के रूप में मनाया जाता है। मथुरा के विश्राम घाट पर इस दिन भाई-बहन साथ में यमुना स्नान करते हैं।
देश में भाई दूज के अलग-अलग नाम
- भाऊ बीज — महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक
- भाई फोंटा — पश्चिम बंगाल
- भाई टीका — नेपाल (तिहार पर्व का अंतिम दिन)
- इसी दिन कायस्थ समाज में चित्रगुप्त पूजा और कलम-दवात की पूजा भी होती है।
Bhai Dooj Puja Vidhi 2026 — in English
Bhai Dooj falls on Wednesday, 11 November 2026 (Kartik Shukla Dwitiya, also called Yama Dwitiya) and closes the five days of Diwali. The Bhai Dooj Puja Vidhi: the sister prepares a thali with roli, rice, a ghee lamp, kalawa, sweets and a dry coconut; the brother sits facing east or north; she applies a tilak, ties the kalawa, performs his aarti and feeds him sweets, and he gives her a gift. The most auspicious time is the afternoon (Aparahna) — about 1:09 to 3:19 PM in Delhi this year.
The festival comes from the story of Yamraj visiting his sister Yamuna, who welcomed him with a tilak and a meal. It is called Bhau Beej in Maharashtra, Bhai Phonta in Bengal and Bhai Tika in Nepal. Read more on Wikipedia, and see the other Diwali days on our Dhanteras and Govardhan Puja pages.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
भाई दूज 2026 कब है?
बुधवार, 11 नवंबर 2026 को। द्वितीया तिथि 10 नवंबर दोपहर 2:01 से 11 नवंबर दोपहर 3:55 तक है।
भाई दूज पर तिलक का शुभ मुहूर्त क्या है?
अपराह्न काल सबसे शुभ है — दिल्ली में दोपहर 1:09 से 3:19, मुंबई में 1:30 से 3:45 और पटना में 12:39 से 2:50 तक।
भाई दूज पर भाई का मुख किस दिशा में हो?
परंपरा में तिलक के समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखा जाता है।
अगर बहन दूर है तो भाई दूज कैसे मनाएँ?
कई परिवार वीडियो कॉल पर तिलक की रस्म करते हैं, और बहन भाई के नाम से यम और यमुना की पूजा करके प्रार्थना करती है।
What is the Bhai Dooj Puja Vidhi in short?
The sister applies a roli tilak and rice on her brother’s forehead, ties a kalawa, performs his aarti with a ghee lamp and feeds him sweets; the brother gives her a gift and eats a meal at her home.