Shri Ram Chalisa – श्री राम चालीसा – Ram Chalisa – राम चालीसा
राम चालीसा (Ram Chalisa) का पाठ भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। जो भी श्रद्धा और भक्ति भाव से श्री राम नाम का जप करता है, उसके जीवन में शांति, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। यह राम चालीसा प्रभु श्रीराम की महिमा, उनके चरित्र, आदर्श, करुणा और भक्तों पर उनकी अनंत कृपा का वर्णन करती है।
श्री राम चालीसा का पाठ विशेष रूप से राम नवमी, प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव, हनुमान जयंती, अमावस्या, पूर्णिमा, और रोजाना सुबह व शाम करने से मन की अशांति दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
अगर आप अपने जीवन में शांति, भक्ति, सफलता, शक्ति और मोक्ष की कामना रखते हैं, तो राम चालीसा आपका मार्गदर्शन करेगी। आइए श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रभु राम के इस दिव्य स्तोत्र का पाठ करें।
Ram Chalisa is a sacred devotional hymn dedicated to Lord Shri Ram, describing His virtues, divine qualities, compassion and supreme authority. Reciting Ram Chalisa with devotion and faith brings peace, positivity, protection, courage, and blessings of Lord Rama.
Devotees believe that chanting the holy name “Shri Ram” helps remove obstacles, purifies the mind, protects from negativity, and brings spiritual growth. Reciting Ram Chalisa daily, especially on Ram Navami, Hanuman Jayanti, Ekadashi, Purnima and Amavasya, is considered highly auspicious and spiritually powerful.
If you seek inner peace, strength, happiness, prosperity, and spiritual upliftment, reading the Ram Chalisa will help guide your life toward righteousness, devotion, and divine grace.

राम चालीसा (Ram Chalisa)
Ram Chalisa Lyrics in Hindi
॥ दोहा ॥
आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं
बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्
पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं
॥ चौपाई ॥
श्री रघुबीर भक्त हितकारी ।
सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी ॥
निशि दिन ध्यान धरै जो कोई ।
ता सम भक्त और नहिं होई ॥
ध्यान धरे शिवजी मन माहीं ।
ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं ॥
जय जय जय रघुनाथ कृपाला ।
सदा करो सन्तन प्रतिपाला ॥
दूत तुम्हार वीर हनुमाना ।
जासु प्रभाव तिहूँ पुर जाना ॥
तुव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला ।
रावण मारि सुरन प्रतिपाला ॥
तुम अनाथ के नाथ गोसाईं ।
दीनन के हो सदा सहाई ॥
ब्रह्मादिक तव पार न पावैं ।
सदा ईश तुम्हरो यश गावैं ॥
चारिउ वेद भरत हैं साखी ।
तुम भक्तन की लज्जा राखी ॥
गुण गावत शारद मन माहीं ।
सुरपति ताको पार न पाहीं ॥ 10 ॥
नाम तुम्हार लेत जो कोई ।
ता सम धन्य और नहिं होई ॥
राम नाम है अपरम्पारा ।
चारिहु वेदन जाहि पुकारा ॥
गणपति नाम तुम्हारो लीन्हों ।
तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हों ॥
शेष रटत नित नाम तुम्हारा ।
महि को भार शीश पर धारा ॥
फूल समान रहत सो भारा ।
पावत कोउ न तुम्हरो पारा ॥
भरत नाम तुम्हरो उर धारो ।
तासों कबहुँ न रण में हारो ॥
नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा ।
सुमिरत होत शत्रु कर नाशा ॥
लषन तुम्हारे आज्ञाकारी ।
सदा करत सन्तन रखवारी ॥
ताते रण जीते नहिं कोई ।
युद्ध जुरे यमहूँ किन होई ॥
महा लक्ष्मी धर अवतारा ।
सब विधि करत पाप को छारा ॥ 20 ॥
सीता राम पुनीता गायो ।
भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो ॥
घट सों प्रकट भई सो आई ।
जाको देखत चन्द्र लजाई ॥
सो तुमरे नित पांव पलोटत ।
नवो निद्धि चरणन में लोटत ॥
सिद्धि अठारह मंगल कारी ।
सो तुम पर जावै बलिहारी ॥
औरहु जो अनेक प्रभुताई ।
सो सीतापति तुमहिं बनाई ॥
इच्छा ते कोटिन संसारा ।
रचत न लागत पल की बारा ॥
जो तुम्हरे चरनन चित लावै ।
ताको मुक्ति अवसि हो जावै ॥
सुनहु राम तुम तात हमारे ।
तुमहिं भरत कुल– पूज्य प्रचारे ॥
तुमहिं देव कुल देव हमारे ।
तुम गुरु देव प्राण के प्यारे ॥
जो कुछ हो सो तुमहीं राजा ।
जय जय जय प्रभु राखो लाजा ॥ 30 ॥
रामा आत्मा पोषण हारे ।
जय जय जय दशरथ के प्यारे ॥
जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरूपा ।
निगुण ब्रह्म अखण्ड अनूपा ॥
सत्य सत्य जय सत्य– ब्रत स्वामी ।
सत्य सनातन अन्तर्यामी ॥
सत्य भजन तुम्हरो जो गावै ।
सो निश्चय चारों फल पावै ॥
सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं ।
तुमने भक्तहिं सब सिद्धि दीन्हीं ॥
ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरूपा ।
नमो नमो जय जापति भूपा ॥
धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा ।
नाम तुम्हार हरत संतापा ॥
सत्य शुद्ध देवन मुख गाया ।
बजी दुन्दुभी शंख बजाया ॥
सत्य सत्य तुम सत्य सनातन ।
तुमहीं हो हमरे तन मन धन ॥
याको पाठ करे जो कोई ।
ज्ञान प्रकट ताके उर होई ॥ 40 ॥
आवागमन मिटै तिहि केरा ।
सत्य वचन माने शिव मेरा ॥
और आस मन में जो ल्यावै ।
तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै ॥
साग पत्र सो भोग लगावै ।
सो नर सकल सिद्धता पावै ॥
अन्त समय रघुबर पुर जाई ।
जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥
श्री हरि दास कहै अरु गावै ।
सो वैकुण्ठ धाम को पावै ॥
॥ दोहा ॥
सात दिवस जो नेम कर पाठ करे चित लाय ।
हरिदास हरिकृपा से अवसि भक्ति को पाय ॥
राम चालीसा जो पढ़े रामचरण चित लाय ।
जो इच्छा मन में करै सकल सिद्ध हो जाय ॥

Ram Chalisa (राम चालीसा)
Shri Ram Chalisa Lyrics in English
॥ Doha ॥
Adau Ram Tapovnadi Gamanam Hatvah Mriga Kanchanam
Vaidehi Haranam Jatayu Maranam Sugriva Sambhashanam
Bali Nirdalam Samudra Taranam Lankapuri Dahanam
Paschdravanam Kumbhakarnam Hananam Etadhi Ramayanam
॥ Chaupai ॥
Shri Raghubir Bhakt Hitkari ।
Suni Lijai Prabhu Araj Hamari ॥
Nishi Din Dhyan Dharai Jo Koi ।
Ta Sam Bhakt Aur Nahin Hoi ॥
Dhyan Dhare Shivaji Man Mahin ।
Brahma Indr Paar Nahin Pahin ॥
Jai Jai Jai Raghunath Krpala ।
Sada Karo Santan Pratipala ॥
Doot Tumhar Veer Hanumana ।
Jasu Prabhav Tihun Pur Jana ॥
Tuv Bhujadand Prachand Krpala ।
Ravan Mari Suran Pratipala ॥
Tum Anath Ke Nath Gosain ।
Deenan Ke Ho Sada Sahai ॥
Brahmadik Tav Paar Na Pavain ।
Sada Ish Tumharo Yash Gavain ॥
Chariu Ved Bharat Hain Sakhi ।
Tum Bhaktan Ki Lajja Rakhi ॥
Gun Gavat Sharad Man Mahin ।
Surapati Tako Paar Na Pahin ॥ 10 ॥
Naam Tumhar Let Jo Koi ।
Ta Sam Dhany Aur Nahin Hoi ॥
Ram Naam Hai Aparampara ।
Charihu Vedan Jahi Pukara ॥
Ganapati Naam Tumharo Linhon ।
Tinako Pratham Poojy Tum Kinhon ॥
Shesh Ratat Nit Naam Tumhara ।
Mahi Ko Bhar Shish Par Dhara ॥
Phool Saman Rahat So Bhara ।
Pavat Kou Na Tumharo Para ॥
Bharat Naam Tumharo Ur Dhaaro ।
Tason Kabahun Na Ran Mein Haro ॥
Naam Shatruhan Hrday Prakasha ।
Sumirat Hot Shatru Kar Nasha ॥
Lashan Tumhare Agyakari ।
Sada Karat Santan Rakhavari ॥
Tate Ran Jite Nahin Koi ।
Yuddh Jure Yamahoon Kin Hoi ॥
Maha Lakshmi Dhar Avatara ।
Sab Vidhi Karat Paap Ko Chhara ॥ 20 ॥
Sita Ram Punita Gayo ।
Bhuvaneshvari Prabhav Dikhayo ॥
Ghat Son Prakat Bhi So Aai ।
Jako Dekhat Chandr Lajai ॥
So Tumare Nit Panv Palotat ।
Navo Niddhi Charanan Mein Lotat ॥
Siddhi Atharah Mangal Kari ।
So Tum Par Javai Balihari ॥
Aurahu Jo Anek Prabhutai ।
So Sitapati Tumahin Banai ॥
Ichchha Te Kotin Sansara ।
Rachat Na Lagat Pal Ki Bara ॥
Jo Tumhare Charanan Chit Lavai ।
Tako Mukti Avasi Ho Javai ॥
Sunahu Ram Tum Tat Hamare ।
Tumahin Bharat Kul- Poojy Prachare ॥
Tumahin Dev Kul Dev Hamare ।
Tum Guru Dev Pran Ke Pyare ॥
Jo Kuchh Ho So Tumahin Raja ।
Jai Jai Jai Prabhu Rakho Laja ॥ 30 ॥
Rama Atma Poshan Hare ।
Jai Jai Jai Dasharath Ke Pyare ॥
Jai Jai Jai Prabhu Jyoti Svaroopa ।
Nigun Brahm Akhand Anoopa ॥
Saty Saty Jai Saty- Brat Svami ।
Saty Sanatan Antaryami ॥
Saty Bhajan Tumharo Jo Gavai ।
So Nishchay Charon Phal Pavai ॥
Saty Shapath Gauripati Kinhin ।
Tumane Bhaktahin Sab Siddhi Dinhin ॥
Gyan Hrday Do Gyan Svaroopa ।
Namo Namo Jai Japati Bhoopa ॥
Dhany Dhany Tum Dhany Pratapa ।
Naam Tumhar Harat Santapa ॥
Saty Shuddh Devan Mukh Gaya ।
Baji Dundubhi Shankh Bajaia ॥
Saty Saty Tum Saty Sanatan ।
Tumahin Ho Hamare Tan Man Dhan ॥
Yako Path Kare Jo Koi ।
Gyan Prakat Take Ur Hoi ॥ 40 ॥
Avagaman Mitai Tihi Kera ।
Saty Vachan Mane Shiv Mera ॥
Aur Aas Man Mein Jo Lyavai ।
Tulsi Dal Aru Phool Chadhavai ॥
Sag Patr So Bhog Lagavai ।
So Nar Sakal Siddhata Pavai ॥
Ant Samay Raghubar Pur Jai ।
Jahan Janm Hari Bhakt Kahai ॥
Shri Hari Das Kahai Aru Gavai ।
So Vaikunth Dham Ko Pavai ॥
॥ Doha ॥
Sat Divas Jo Nem Kar Path Kare Chit Lay ।
Haridas Harikrpa Se Avasi Bhakti Ko Pay ॥
Ram Chalisa Jo Padhe Ramacharan Chit Lay ।
Jo Ichchha Man Mein Karai Sakal Siddh Ho Jai ॥
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