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बुधवार, 4 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · वि.सं. 2083 आज का पंचांग → हिंदीEnglish
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वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त — गाड़ी, बाइक, कार

नई कार, बाइक या स्कूटी घर लाना खुशी का मौका है, और बहुत से लोग चाहते हैं कि गाड़ी शुभ दिन पर ही घर आए। यह टूल आपके शहर के अनुसार वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त (Vehicle Purchase Muhurat) बताता है — यानी गाड़ी खरीदने का शुभ दिन और समय। आज से अगले साल के अंत तक की सभी शुभ तिथियाँ महीने के अनुसार दिखती हैं, हर तारीख के साथ वार, नक्षत्र, तिथि और उस दिन का शुभ समय-खंड। कार हो, बाइक हो, ट्रैक्टर हो या कोई व्यावसायिक वाहन — सबके लिए यही मुहूर्त देखा जाता है।

वाहन खरीदने का मुहूर्त — 154 शुभ तिथियाँआज से 2027 के अंत तक · दिल्ली के समय अनुसार
नवंबर 20269 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
5 नवं, गुअगले दिन रात 3:56 – सुबह 6:36हस्त · द्वादशी (कृ.)
6 नवं, शुसुबह 6:36 – सुबह 6:37 (अगले दिन)हस्त · द्वादशी (कृ.)
11 नवं, बुसुबह 6:40 – सुबह 11:38अनुराधा · द्वितीया (शु.)
15 नवं, रवरात 11:29 – सुबह 6:44 (अगले दिन)श्रवण · षष्ठी (शु.)
16 नवं, सोसुबह 6:44 – सुबह 4:21 (अगले दिन)श्रवण · सप्तमी (शु.)
22 नवं, रवसुबह 6:49 – रात 2:38 (अगले दिन)अश्विनी · त्रयोदशी (शु.)
25 नवं, बुशाम 4:52 – सुबह 6:52 (अगले दिन)रोहिणी · द्वितीया (कृ.)
26 नवं, गुसुबह 6:52 – शाम 5:47मृगशिरा · द्वितीया (कृ.)
29 नवं, रवसुबह 6:54 – सुबह 11:00पुष्य · षष्ठी (कृ.)
दिसंबर 202611 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
3 दिसं, गुसुबह 9:24 – सुबह 10:55
रात 11:05 – सुबह 6:58 (अगले दिन)
हस्त · दशमी (कृ.)
हस्त · एकादशी (कृ.)
4 दिसं, शुसुबह 6:58 – सुबह 6:59 (अगले दिन)हस्त · एकादशी (कृ.)
6 दिसं, रवसुबह 6:59 – दोपहर 1:38स्वाति · त्रयोदशी (कृ.)
13 दिसं, रवशाम 4:49 – सुबह 7:05 (अगले दिन)श्रवण · पंचमी (शु.)
14 दिसं, सोसुबह 7:05 – सुबह 7:06 (अगले दिन)श्रवण · पंचमी (शु.)
16 दिसं, बुसुबह 7:06 – दोपहर 2:03शतभिषा · सप्तमी (शु.)
18 दिसं, शुरात 11:15 – सुबह 7:08 (अगले दिन)रेवती · दशमी (शु.)
20 दिसं, रवसुबह 7:08 – सुबह 9:19अश्विनी · एकादशी (शु.)
23 दिसं, बुरात 8:55 – सुबह 4:53 (अगले दिन)मृगशिरा · पूर्णिमा (शु.)
24 दिसं, गुअगले दिन रात 3:09 – सुबह 7:11पुनर्वसु · द्वितीया (कृ.)
25 दिसं, शुसुबह 7:11 – सुबह 7:11 (अगले दिन)पुनर्वसु · द्वितीया (कृ.)
जनवरी 202712 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
1 जन, शुदोपहर 1:12 – रात 1:45 (अगले दिन)चित्रा · दशमी (कृ.)
3 जन, रवरात 9:37 – सुबह 7:14 (अगले दिन)अनुराधा · द्वादशी (कृ.)
4 जन, सोसुबह 7:14 – रात 12:15 (अगले दिन)अनुराधा · द्वादशी (कृ.)
10 जन, रवसुबह 7:15 – सुबह 7:15 (अगले दिन)श्रवण · तृतीया (शु.)
11 जन, सोसुबह 7:15 – सुबह 9:30धनिष्ठा · तृतीया (शु.)
14 जन, गुरात 11:19 – सुबह 7:15 (अगले दिन)रेवती · सप्तमी (शु.)
15 जन, शुसुबह 7:15 – दोपहर 2:15रेवती · सप्तमी (शु.)
20 जन, बुसुबह 7:14 – शाम 4:17मृगशिरा · त्रयोदशी (शु.)
22 जन, शुसुबह 7:39 – शाम 5:48पुनर्वसु · पूर्णिमा (शु.)
27 जन, बुसुबह 7:11 – रात 3:55 (अगले दिन)हस्त · षष्ठी (कृ.)
28 जन, गुदोपहर 3:54 – सुबह 4:05 (अगले दिन)चित्रा · सप्तमी (कृ.)
31 जन, रवसुबह 7:10 – रात 7:36अनुराधा · दशमी (कृ.)
फ़रवरी 202712 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
7 फ़र, रवरात 11:29 – सुबह 7:05 (अगले दिन)धनिष्ठा · द्वितीया (शु.)
8 फ़र, सोसुबह 7:05 – रात 1:57 (अगले दिन)शतभिषा · द्वितीया (शु.)
10 फ़र, बुअगले दिन सुबह 4:56 – सुबह 7:03रेवती · पंचमी (शु.)
11 फ़र, गुसुबह 7:03 – सुबह 7:02 (अगले दिन)रेवती · पंचमी (शु.)
12 फ़र, शुसुबह 7:02 – सुबह 5:56 (अगले दिन)अश्विनी · षष्ठी (शु.)
15 फ़र, सोरात 10:45 – सुबह 6:59 (अगले दिन)रोहिणी · दशमी (शु.)
17 फ़र, बुरात 11:29 – सुबह 6:57 (अगले दिन)पुनर्वसु · द्वादशी (शु.)
18 फ़र, गुसुबह 6:57 – सुबह 6:56 (अगले दिन)पुनर्वसु · द्वादशी (शु.)
19 फ़र, शुसुबह 6:56 – सुबह 11:16पुष्य · त्रयोदशी (शु.)
24 फ़र, बुरात 8:42 – सुबह 6:50 (अगले दिन)चित्रा · पंचमी (कृ.)
25 फ़र, गुसुबह 6:50 – सुबह 6:49 (अगले दिन)चित्रा · पंचमी (कृ.)
26 फ़र, शुसुबह 6:49 – सुबह 10:13स्वाति · षष्ठी (कृ.)
मार्च 202710 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
4 मार्च, गुअगले दिन रात 1:36 – सुबह 6:42श्रवण · द्वादशी (कृ.)
5 मार्च, शुसुबह 6:42 – सुबह 6:41 (अगले दिन)श्रवण · द्वादशी (कृ.)
10 मार्च, बुसुबह 10:53 – सुबह 6:35 (अगले दिन)रेवती · द्वितीया (शु.)
11 मार्च, गुसुबह 6:35 – दोपहर 3:39रेवती · तृतीया (शु.)
14 मार्च, रवसुबह 10:24 – सुबह 6:31 (अगले दिन)रोहिणी · षष्ठी (शु.)
15 मार्च, सोसुबह 6:31 – सुबह 10:52रोहिणी · सप्तमी (शु.)
17 मार्च, बुसुबह 6:46 – सुबह 6:28 (अगले दिन)पुनर्वसु · दशमी (शु.)
18 मार्च, गुसुबह 6:28 – दोपहर 3:08
अगले दिन रात 1:52 – रात 3:21
पुष्य · एकादशी (शु.)
पुष्य · द्वादशी (शु.)
24 मार्च, बुसुबह 6:21 – रात 12:52 (अगले दिन)चित्रा · द्वितीया (कृ.)
26 मार्च, शुरात 8:36 – सुबह 6:17 (अगले दिन)अनुराधा · पंचमी (कृ.)
अप्रैल 202710 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
1 अप्रै, गुसुबह 9:25 – सुबह 11:34
अगले दिन रात 12:47 – सुबह 6:10
श्रवण · दशमी (कृ.)
श्रवण · एकादशी (कृ.)
2 अप्रै, शुसुबह 6:10 – सुबह 6:09 (अगले दिन)श्रवण · एकादशी (कृ.)
4 अप्रै, रवसुबह 6:08 – शाम 4:33शतभिषा · त्रयोदशी (कृ.)
7 अप्रै, बुअगले दिन सुबह 4:30 – सुबह 6:03अश्विनी · द्वितीया (शु.)
8 अप्रै, गुसुबह 6:03 – शाम 6:00अश्विनी · द्वितीया (शु.)
11 अप्रै, रवसुबह 6:00 – सुबह 5:59 (अगले दिन)रोहिणी · पंचमी (शु.)
12 अप्रै, सोसुबह 5:59 – दोपहर 1:34मृगशिरा · षष्ठी (शु.)
21 अप्रै, बुअगले दिन रात 3:31 – सुबह 4:44स्वाति · द्वितीया (कृ.)
23 अप्रै, शुसुबह 5:48 – दोपहर 3:55अनुराधा · तृतीया (कृ.)
30 अप्रै, शुशाम 5:15 – सुबह 5:40 (अगले दिन)धनिष्ठा · दशमी (कृ.)
मई 202712 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
3 मई, सोअगले दिन रात 3:19 – सुबह 5:38रेवती · त्रयोदशी (कृ.)
7 मई, शुरात 11:42 – सुबह 5:35 (अगले दिन)रोहिणी · द्वितीया (शु.)
9 मई, रवसुबह 5:34 – सुबह 9:04मृगशिरा · तृतीया (शु.)
10 मई, सोशाम 6:08 – सुबह 5:33 (अगले दिन)पुनर्वसु · पंचमी (शु.)
12 मई, बुसुबह 5:32 – दोपहर 2:56पुष्य · सप्तमी (शु.)
16 मई, रवशाम 5:15 – सुबह 5:29 (अगले दिन)हस्त · द्वादशी (शु.)
17 मई, सोसुबह 5:29 – सुबह 5:29 (अगले दिन)हस्त · द्वादशी (शु.)
20 मई, गुदोपहर 1:21 – शाम 4:30अनुराधा · पूर्णिमा (शु.)
26 मई, बुसुबह 5:25 – सुबह 4:07 (अगले दिन)श्रवण · षष्ठी (कृ.)
27 मई, गुशाम 5:20 – सुबह 5:24 (अगले दिन)धनिष्ठा · सप्तमी (कृ.)
28 मई, शुसुबह 5:24 – सुबह 6:28धनिष्ठा · सप्तमी (कृ.)
31 मई, सोदोपहर 12:36 – सुबह 5:23 (अगले दिन)रेवती · एकादशी (कृ.)
जून 202710 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
2 जून, बुसुबह 5:23 – दोपहर 12:17अश्विनी · द्वादशी (कृ.)
6 जून, रवअगले दिन रात 2:08 – सुबह 5:22पुनर्वसु · तृतीया (शु.)
7 जून, सोसुबह 5:22 – दोपहर 3:27पुनर्वसु · तृतीया (शु.)
13 जून, रवसुबह 5:22 – सुबह 5:22 (अगले दिन)हस्त · दशमी (शु.)
14 जून, सोसुबह 5:22 – दोपहर 2:08
अगले दिन रात 2:09 – सुबह 5:22
चित्रा · एकादशी (शु.)
स्वाति · द्वादशी (शु.)
16 जून, बुरात 7:44 – रात 3:22 (अगले दिन)अनुराधा · त्रयोदशी (शु.)
23 जून, बुदोपहर 3:44 – सुबह 5:24 (अगले दिन)धनिष्ठा · पंचमी (कृ.)
24 जून, गुसुबह 5:24 – सुबह 5:24 (अगले दिन)धनिष्ठा · पंचमी (कृ.)
25 जून, शुसुबह 5:24 – शाम 5:07शतभिषा · षष्ठी (कृ.)
28 जून, सोरात 10:51 – सुबह 5:26 (अगले दिन)अश्विनी · दशमी (कृ.)
जुलाई 202712 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
1 जुला, गुरात 7:31 – सुबह 5:27 (अगले दिन)रोहिणी · त्रयोदशी (कृ.)
2 जुला, शुसुबह 5:27 – दोपहर 3:25रोहिणी · त्रयोदशी (कृ.)
5 जुला, सोसुबह 5:28 – सुबह 5:28 (अगले दिन)पुनर्वसु · द्वितीया (शु.)
9 जुला, शुरात 11:16 – सुबह 5:30 (अगले दिन)हस्त · सप्तमी (शु.)
12 जुला, सोसुबह 11:42 – रात 11:56स्वाति · दशमी (शु.)
14 जुला, बुदोपहर 1:12 – रात 3:18 (अगले दिन)अनुराधा · द्वादशी (शु.)
19 जुला, सोरात 11:49 – सुबह 5:35 (अगले दिन)श्रवण · द्वितीया (कृ.)
21 जुला, बुसुबह 5:36 – दोपहर 3:37धनिष्ठा · तृतीया (कृ.)
25 जुला, रवसुबह 5:38 – सुबह 9:54
रात 10:16 – सुबह 5:39 (अगले दिन)
रेवती · षष्ठी (कृ.)
रेवती · सप्तमी (कृ.)
26 जुला, सोसुबह 5:39 – सुबह 10:27अश्विनी · सप्तमी (कृ.)
29 जुला, गुसुबह 7:36 – सुबह 5:41 (अगले दिन)रोहिणी · एकादशी (कृ.)
30 जुला, शुसुबह 5:41 – रात 1:24 (अगले दिन)मृगशिरा · द्वादशी (कृ.)
अगस्त 20279 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
6 अग, शुसुबह 7:33 – सुबह 5:45 (अगले दिन)हस्त · पंचमी (शु.)
8 अग, रवसुबह 5:46 – रात 10:26चित्रा · सप्तमी (शु.)
11 अग, बुसुबह 5:47 – सुबह 9:14अनुराधा · दशमी (शु.)
16 अग, सोरात 11:46 – सुबह 5:51 (अगले दिन)धनिष्ठा · पूर्णिमा (शु.)
18 अग, बुदोपहर 3:17 – सुबह 5:15 (अगले दिन)शतभिषा · द्वितीया (कृ.)
22 अग, रवसुबह 5:53 – सुबह 5:54 (अगले दिन)रेवती · पंचमी (कृ.)
23 अग, सोसुबह 5:54 – दोपहर 12:12अश्विनी · षष्ठी (कृ.)
26 अग, गुशाम 5:41 – सुबह 4:38 (अगले दिन)मृगशिरा · दशमी (कृ.)
29 अग, रवसुबह 5:57 – रात 3:45 (अगले दिन)पुनर्वसु · द्वादशी (कृ.)
सितंबर 202710 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
2 सितं, गुशाम 5:36 – सुबह 6:00 (अगले दिन)हस्त · तृतीया (शु.)
3 सितं, शुसुबह 6:00 – दोपहर 2:20हस्त · तृतीया (शु.)
5 सितं, रवसुबह 6:01 – दोपहर 2:30स्वाति · पंचमी (शु.)
6 सितं, सोदोपहर 2:59 – सुबह 6:01 (अगले दिन)अनुराधा · सप्तमी (शु.)
12 सितं, रवसुबह 6:04 – सुबह 6:04 (अगले दिन)श्रवण · द्वादशी (शु.)
13 सितं, सोसुबह 6:04 – रात 12:41 (अगले दिन)धनिष्ठा · त्रयोदशी (शु.)
17 सितं, शुदोपहर 3:29 – सुबह 6:07 (अगले दिन)रेवती · द्वितीया (कृ.)
22 सितं, बुशाम 5:19 – सुबह 4:38 (अगले दिन)रोहिणी · सप्तमी (कृ.)
24 सितं, शुअगले दिन रात 12:56 – सुबह 6:10पुनर्वसु · दशमी (कृ.)
26 सितं, रवसुबह 6:11 – दोपहर 12:38पुष्य · एकादशी (कृ.)
अक्टूबर 202711 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
1 अक्टू, शुसुबह 6:13 – सुबह 6:14 (अगले दिन)चित्रा · द्वितीया (शु.)
3 अक्टू, रवअगले दिन रात 1:29 – सुबह 6:15अनुराधा · पंचमी (शु.)
4 अक्टू, सोसुबह 6:15 – रात 12:44 (अगले दिन)अनुराधा · पंचमी (शु.)
10 अक्टू, रवसुबह 6:18 – रात 12:58 (अगले दिन)श्रवण · दशमी (शु.)
11 अक्टू, सोदोपहर 2:10 – सुबह 6:19 (अगले दिन)धनिष्ठा · द्वादशी (शु.)
15 अक्टू, शुसुबह 7:08 – रात 7:18रेवती · पूर्णिमा (शु.)
20 अक्टू, बुसुबह 6:24 – रात 10:30मृगशिरा · पंचमी (कृ.)
21 अक्टू, गुअगले दिन रात 12:52 – सुबह 6:25पुनर्वसु · सप्तमी (कृ.)
22 अक्टू, शुसुबह 6:25 – सुबह 11:57पुनर्वसु · सप्तमी (कृ.)
27 अक्टू, बुदोपहर 1:01 – रात 10:51हस्त · त्रयोदशी (कृ.)
31 अक्टू, रवसुबह 9:31 – सुबह 6:32 (अगले दिन)अनुराधा · द्वितीया (शु.)
नवंबर 202713 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
1 नवं, सोसुबह 6:32 – सुबह 9:58अनुराधा · तृतीया (शु.)
5 नवं, शुशाम 6:20 – रात 12:10 (अगले दिन)श्रवण · सप्तमी (शु.)
7 नवं, रवअगले दिन सुबह 5:25 – सुबह 6:37शतभिषा · दशमी (शु.)
8 नवं, सोसुबह 6:37 – रात 3:14 (अगले दिन)शतभिषा · दशमी (शु.)
11 नवं, गुसुबह 7:02 – सुबह 6:40 (अगले दिन)रेवती · द्वादशी (शु.)
12 नवं, शुसुबह 6:40 – सुबह 10:22रेवती · त्रयोदशी (शु.)
15 नवं, सोसुबह 7:30 – सुबह 6:44 (अगले दिन)रोहिणी · द्वितीया (कृ.)
17 नवं, बुअगले दिन रात 3:18 – सुबह 6:45पुनर्वसु · पंचमी (कृ.)
18 नवं, गुसुबह 6:45 – सुबह 6:46 (अगले दिन)पुनर्वसु · पंचमी (कृ.)
19 नवं, शुसुबह 6:46 – रात 9:22पुष्य · षष्ठी (कृ.)
24 नवं, बुसुबह 6:50 – सुबह 6:51 (अगले दिन)हस्त · एकादशी (कृ.)
25 नवं, गुसुबह 6:51 – सुबह 6:52 (अगले दिन)चित्रा · द्वादशी (कृ.)
26 नवं, शुसुबह 6:52 – सुबह 9:49स्वाति · त्रयोदशी (कृ.)
दिसंबर 202713 मुहूर्त
तारीखशुभ समयनक्षत्र · तिथि
2 दिसं, गुअगले दिन रात 2:30 – सुबह 6:57श्रवण · पंचमी (शु.)
3 दिसं, शुसुबह 6:57 – सुबह 6:58 (अगले दिन)श्रवण · पंचमी (शु.)
5 दिसं, रवसुबह 6:59 – रात 9:38धनिष्ठा · सप्तमी (शु.)
8 दिसं, बुशाम 4:13 – सुबह 7:01 (अगले दिन)रेवती · दशमी (शु.)
9 दिसं, गुसुबह 7:01 – दोपहर 3:17
अगले दिन रात 3:21 – सुबह 7:02
रेवती · एकादशी (शु.)
अश्विनी · द्वादशी (शु.)
10 दिसं, शुसुबह 7:02 – शाम 5:55अश्विनी · द्वादशी (शु.)
13 दिसं, सोसुबह 10:51 – रात 9:40रोहिणी · पूर्णिमा (शु.)
15 दिसं, बुसुबह 11:22 – रात 2:49 (अगले दिन)पुनर्वसु · द्वितीया (कृ.)
22 दिसं, बुसुबह 7:09 – दोपहर 12:06
रात 11:42 – सुबह 7:10 (अगले दिन)
चित्रा · दशमी (कृ.)
चित्रा · एकादशी (कृ.)
23 दिसं, गुसुबह 7:10 – रात 12:17 (अगले दिन)स्वाति · एकादशी (कृ.)
24 दिसं, शुअगले दिन रात 12:50 – सुबह 7:11अनुराधा · त्रयोदशी (कृ.)
30 दिसं, गुसुबह 10:07 – सुबह 7:13 (अगले दिन)श्रवण · तृतीया (शु.)
31 दिसं, शुसुबह 7:13 – सुबह 8:13श्रवण · तृतीया (शु.)
किन नियमों से गणना हुई
  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
  • तिथि (शुक्ल): द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा · (कृष्ण): द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • वार: रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
  • इन समयों में मुहूर्त नहीं: अधिक मास, भद्रा (विष्टि करण)

ये तिथियाँ ऊपर लिखे मानक नियमों से गणना की गई हैं। पंचांगकारों के नियमों में थोड़ा अंतर होता है, और कई लोग लग्न शुद्धि और अपनी कुंडली भी देखते हैं — अंतिम मुहूर्त अपने पुरोहित से ज़रूर पक्का करें।

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वाहन क्रय मुहूर्त क्या है?

पुराने समय में घोड़ा, बैलगाड़ी या रथ जैसे वाहन लेने के लिए भी शुभ दिन देखा जाता था। आज वही परंपरा कार और बाइक के साथ चल रही है। वाहन क्रय मुहूर्त वह समय है जब पंचांग की तिथि, वार और नक्षत्र यात्रा, गति और सुरक्षित आवागमन के अनुकूल माने जाते हैं।

इस मुहूर्त के नक्षत्रों में एक दिलचस्प बात है। विवाह या गृह प्रवेश में जहाँ स्थिर नक्षत्रों को महत्व दिया जाता है, वहीं वाहन के लिए चर (चलने वाले) और क्षिप्र (शीघ्र) नक्षत्र प्रमुख हैं — क्योंकि वाहन का काम ही चलना है। चर नक्षत्र हैं पुनर्वसु, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा; क्षिप्र नक्षत्र हैं अश्विनी, पुष्य और हस्त। साथ में मृदु नक्षत्र (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और रोहिणी भी शुभ माने गए हैं।

यह टूल गाड़ी खरीदने का शुभ मुहूर्त कैसे निकालता है?

आप भारत और विदेश के लगभग 215 शहरों में से अपना शहर चुनते हैं (पहले से दिल्ली चुना रहता है)। टूल उस शहर के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक हर दिन का पंचांग गणित से निकालता है और इन नियमों से जाँचता है:

नियमवाहन खरीदने में क्या देखा जाता है
नक्षत्र (13)अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
तिथिद्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
वाररविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
भद्राविष्टि करण (भद्रा) का समय शुभ समय से हटा दिया जाता है
वर्जित अवधिकेवल अधिक मास

विवाह, गृह प्रवेश या मुंडन से अलग, वाहन खरीदने पर कोई मौसमी रोक नहीं है — खरमास, चातुर्मास, होलाष्टक या गुरु-शुक्र अस्त में भी इस टूल में वाहन के मुहूर्त दिखते हैं। इसलिए लगभग हर महीने कई शुभ तारीखें मिल जाती हैं। केवल अधिक मास में कोई तारीख नहीं दिखाई जाती, और हर दिन भद्रा का समय शुभ समय-खंड से बाहर रखा जाता है।

मंगलवार और शनिवार इस सूची में नहीं हैं, और न ही रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अष्टमी या अमावस्या। हिंदू पंचांग में वार सूर्योदय से बदलता है, इसलिए सोमवार की रात 1 बजे का समय भी सोमवार का ही माना जाता है।

शुभ समय-खंड: बुकिंग, डिलीवरी या पहली ड्राइव?

लोग अक्सर पूछते हैं कि मुहूर्त किस काम का देखें — पैसे देने का, गाड़ी बुक करने का या घर लाने का? परंपरा में सबसे अधिक महत्व वाहन को अपने नाम पर लेकर घर लाने — यानी डिलीवरी लेने और पहली बार चलाने — को दिया जाता है। बहुत से लोग बुकिंग कभी भी कर लेते हैं और डिलीवरी शुभ मुहूर्त में लेते हैं।

  1. शहर चुनें: वह शहर जहाँ से गाड़ी की डिलीवरी लेंगे।
  2. 2–3 तारीखें चुनें: अपनी सुविधा और डीलर की उपलब्धता देखकर।
  3. समय-खंड देखें: हर तारीख के साथ दिया गया समय ही उस दिन का शुभ समय है। डिलीवरी, पूजा और पहली ड्राइव इसी खंड में रखने की कोशिश करें।
  4. राहु काल: यह टूल राहु काल अलग से नहीं हटाता। बहुत से लोग वाहन लेते समय राहु काल से बचते हैं — उस दिन का आज का राहु काल और चौघड़िया भी देख लें।
  5. व्यावसायिक वाहन: ट्रक, टैक्सी, ट्रैक्टर या दुकान के लिए लिया गया वाहन भी इसी मुहूर्त से देखा जाता है। कुछ लोग इसके साथ उस समय की शुभ होरा भी देखते हैं, पर यह टूल होरा अलग से नहीं जाँचता।

साफ़ बात: यह सूची ऊपर बताए गए मानक नियमों से गणित द्वारा बनी है। कुछ पंचांगकार इसके अलावा लग्न, खरीदने वाले की अपनी कुंडली, चंद्र बल या क्षेत्रीय नियम भी देखते हैं, इसलिए किसी पंचांग से एक-दो तारीखों का अंतर संभव है। बड़ी या व्यावसायिक खरीद हो तो अंतिम मुहूर्त अपने पुरोहित से पक्का करें।

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वाहन खरीदने के लोकप्रिय शुभ दिन

कुछ दिन ऐसे हैं जिन पर परंपरा से वाहन और नई चीज़ें खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इन दिनों शोरूम में भी सबसे ज़्यादा भीड़ होती है।

दिनकब आता हैक्यों प्रसिद्ध है
धनतेरसकार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, दीपावली से दो दिन पहलेधन्वंतरि जयंती; इस दिन बर्तन, सोना-चाँदी और वाहन खरीदने की परंपरा
अक्षय तृतीयावैशाख शुक्ल तृतीया“अक्षय” यानी जिसका क्षय न हो; अबूझ मुहूर्त माना जाता है
पुष्य नक्षत्रहर महीने लगभग एक बारनक्षत्रों में श्रेष्ठ माना जाता है; गुरुवार को हो तो गुरु पुष्य, रविवार को हो तो रवि पुष्य योग
विजयदशमी (दशहरा)आश्विन शुक्ल दशमीविजय का पर्व; कई क्षेत्रों में वाहन और शस्त्र पूजन की परंपरा
नवरात्रिचैत्र और आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमीदेवी आराधना के दिन, नई शुरुआत के लिए लोकप्रिय

एक बात समझ लें: टूल इन दिनों को अलग से “शुभ” नहीं मानता, बल्कि हर दिन को अपने नियमों से जाँचता है। उदाहरण के लिए, अगर धनतेरस मंगलवार या शनिवार को पड़े, या उस दिन नक्षत्र सूची में न हो, तो वह तारीख टूल में नहीं दिखेगी — या केवल कुछ घंटों के लिए दिखेगी। फिर भी अक्षय तृतीया जैसे दिनों को परंपरा में अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी बहुत से लोग बिना अलग मुहूर्त देखे इन दिनों खरीदारी करते हैं। दोनों तरीके अपनी आस्था के अनुसार अपनाए जा सकते हैं।

नए वाहन की पूजा — सरल परंपरागत विधि

वाहन पूजा की विधि घर-घर में अलग होती है। नीचे एक सरल और प्रचलित तरीका है:

  1. गाड़ी को धोकर या साफ़ करके घर के सामने या किसी मंदिर के पास खड़ा करें।
  2. रोली या कुमकुम से गाड़ी के आगे (बोनट या हेडलाइट के पास) स्वस्तिक बनाएँ और चावल (अक्षत) लगाएँ।
  3. स्टीयरिंग, हैंडल या शीशे पर कलावा (मौली) बाँधें; कई लोग फूलों की माला भी चढ़ाते हैं।
  4. गणेश जी का स्मरण करें। बहुत से परिवार हनुमान जी की पूजा भी करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।
  5. दीपक या कपूर से गाड़ी की आरती करें।
  6. नारियल को गाड़ी के सामने रखकर या फोड़कर प्रसाद के रूप में बाँटें। कुछ लोग पहियों के नीचे नींबू रखकर गाड़ी आगे बढ़ाते हैं — यह लोक-परंपरा है, ज़रूरी नियम नहीं।
  7. मिठाई बाँटें और पहली ड्राइव किसी मंदिर तक या घर तक शांति से करें।

पूजा श्रद्धा का भाव है। सबसे बड़ी सुरक्षा तो सावधानी से चलाना ही है — बाइक पर हेलमेट, कार में सीट बेल्ट, गति पर नियंत्रण और वाहन की नियमित सर्विस।

वाहन मुहूर्त: मान्यता और तथ्य

  • मान्यता: शुभ मुहूर्त में ली गई गाड़ी से कभी दुर्घटना नहीं होगी। तथ्य: मुहूर्त एक शुभ शुरुआत की परंपरा है, सुरक्षा की गारंटी नहीं। सुरक्षित ड्राइविंग, अच्छा रखरखाव और यातायात नियमों का पालन ही असली सुरक्षा है।
  • मान्यता: खरमास या चातुर्मास में गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए। तथ्य: वाहन क्रय के मानक नियमों में यह रोक नहीं है, इसलिए यह टूल इन महीनों में भी मुहूर्त दिखाता है। फिर भी कोई परिवार इन्हें मानता हो तो वह अपनी परंपरा के अनुसार चल सकता है।
  • मान्यता: केवल धनतेरस पर ली गई गाड़ी ही शुभ है। तथ्य: धनतेरस लोकप्रिय दिन है, पर हर महीने कई शुभ तारीखें आती हैं। भीड़ और लंबी प्रतीक्षा से बचना हो तो इनमें से कोई दिन चुन सकते हैं।
  • मान्यता: पुरानी (सेकंड-हैंड) गाड़ी के लिए मुहूर्त ज़रूरी नहीं। तथ्य: परंपरा में नई या पुरानी, अपने नाम पर ली जाने वाली हर गाड़ी के लिए यही मुहूर्त देखा जाता है — यह आपकी आस्था पर निर्भर है।

नए घर की तैयारी हो तो गृह प्रवेश मुहूर्त देखें, और किसी दिन के पूरे पंचांग के लिए आज का पंचांग।

Vehicle Purchase Muhurat — in English

This vehicle purchase muhurat tool (also searched as gadi kharidne ka shubh muhurat, car kharidne ka muhurat or bike kharidne ka shubh din) lists auspicious dates to buy a car, bike or any vehicle from today to the end of next year, for about 215 cities in India and abroad, with weekday, nakshatra, tithi and the auspicious time window. It uses 13 nakshatras (Ashwini, Rohini, Mrigashira, Punarvasu, Pushya, Hasta, Chitra, Swati, Anuradha, Shravana, Dhanishta, Shatabhisha, Revati), tithis 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13 and Purnima, and Sunday, Monday, Wednesday, Thursday or Friday. There is no seasonal ban — only Adhik maas and Bhadra are excluded — so most months have several dates. Dhanteras, Akshaya Tritiya and Pushya nakshatra are popular days. The tool does not remove Rahu Kaal, so check it separately, and remember that safe driving is the real protection.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

गाड़ी खरीदने का शुभ मुहूर्त कैसे देखें?

ऊपर के टूल में वह शहर चुनें जहाँ से गाड़ी की डिलीवरी लेंगे। टूल आज से अगले साल के अंत तक की शुभ तारीखें वार, नक्षत्र, तिथि और शुभ समय के साथ दिखा देगा।

gadi kharidne ka shubh muhurat kab hai?

वाहन खरीदने पर कोई मौसमी रोक नहीं है, इसलिए लगभग हर महीने कई शुभ तारीखें मिलती हैं। टूल में अपना शहर चुनकर इस साल और अगले साल की सूची देखें।

car kharidne ka shubh din kaun sa hai?

इस टूल में रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार लिए गए हैं, जब नक्षत्र और तिथि भी शुभ हों। मंगलवार और शनिवार सूची में नहीं हैं।

bike kharidne ka shubh din kaise jane?

बाइक, स्कूटी और कार — सबके लिए एक ही वाहन मुहूर्त देखा जाता है। टूल में शहर चुनें और अपनी सुविधा की तारीख व समय-खंड देखें।

वाहन खरीदने के लिए कौन से नक्षत्र शुभ हैं?

अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और रेवती — ये 13 नक्षत्र।

वाहन खरीदने के लिए कौन सी तिथि शुभ है?

द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी और पूर्णिमा। रिक्ता तिथियाँ, अष्टमी और अमावस्या नहीं ली जातीं।

क्या खरमास में गाड़ी खरीद सकते हैं?

वाहन क्रय के मानक नियमों में खरमास या चातुर्मास की रोक नहीं है, इसलिए टूल इन महीनों में भी मुहूर्त दिखाता है। केवल अधिक मास और भद्रा का समय हटाया जाता है।

धनतेरस पर गाड़ी खरीदना शुभ क्यों है?

धनतेरस पर धातु, सोना-चाँदी और वाहन जैसी नई चीज़ें खरीदने की परंपरा है। ध्यान दें कि टूल इस दिन को भी अपने नियमों से जाँचता है, इसलिए हर साल यह सूची में न आए ऐसा हो सकता है।

पुष्य नक्षत्र में वाहन खरीदना कैसा है?

पुष्य नक्षत्र को बहुत शुभ माना जाता है, और गुरुवार को हो तो गुरु पुष्य, रविवार को हो तो रवि पुष्य योग कहलाता है। ये दिन वाहन खरीद के लिए लोकप्रिय हैं।

मुहूर्त बुकिंग का देखें या डिलीवरी का?

परंपरा में गाड़ी को घर लाने, यानी डिलीवरी और पहली ड्राइव, को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है। बुकिंग सुविधा अनुसार की जा सकती है।

नई गाड़ी की पूजा कैसे करें?

गाड़ी पर रोली से स्वस्तिक बनाएँ, स्टीयरिंग या हैंडल पर कलावा बाँधें, गणेश जी का स्मरण करके आरती करें और नारियल का प्रसाद बाँटें। विधि परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकती है।

क्या टूल राहु काल हटाता है?

नहीं, यह टूल तिथि, नक्षत्र, वार, भद्रा और अधिक मास देखता है। राहु काल से बचना हो तो उस दिन का राहु काल अलग से देख लें।

सेकंड-हैंड गाड़ी के लिए भी मुहूर्त देखें?

परंपरा में अपने नाम पर ली जाने वाली हर गाड़ी, नई या पुरानी, के लिए यही मुहूर्त देखा जाता है। यह आपकी आस्था पर निर्भर है।

क्या शुभ मुहूर्त से दुर्घटना नहीं होगी?

मुहूर्त एक शुभ शुरुआत की परंपरा है, सुरक्षा की गारंटी नहीं। हेलमेट, सीट बेल्ट, नियंत्रित गति और नियमित सर्विस ही असली सुरक्षा है।

टूल की तारीख पंचांग से अलग क्यों हो सकती है?

कुछ पंचांगकार लग्न, खरीदने वाले की कुंडली या चंद्र बल भी देखते हैं, इसलिए थोड़ा अंतर संभव है। बड़ी खरीद हो तो पुरोहित से पुष्टि कर लें।