इस होरा कैलकुलेटर (Hora Calculator) से जानें कि आज की होरा किस समय किस ग्रह की है। अपना शहर और तारीख चुनते ही दिन और रात की सभी 24 होराओं की तालिका दिख जाती है — हर होरा का शुरू और समाप्त होने का समय, उसका स्वामी ग्रह और वह होरा परंपरा में किन कामों के लिए अच्छी मानी जाती है। अगर आपने आज की तारीख चुनी है तो इस समय चल रही होरा अलग से हाइलाइट होती है, ताकि आप तुरंत देख सकें कि अभी कौन-सी ग्रह होरा चल रही है।
दिल्ली · 4 नवंबर 2026, बुधवार
दिन की होरा (सूर्योदय से सूर्यास्त)
| समय | होरा | किस काम के लिए |
|---|---|---|
| सुबह 6:35 – सुबह 7:29 | बुध | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, बातचीत, हिसाब-किताब |
| सुबह 7:29 – सुबह 8:24 | चंद्र | यात्रा, लोगों से मिलना, घर-परिवार के काम |
| सुबह 8:24 – सुबह 9:19 | शनि | मेहनत, मरम्मत, लंबे काम; नए शुभ काम न शुरू करें |
| सुबह 9:19 – सुबह 10:14 | गुरु | धार्मिक काम, पढ़ाई, धन, शुभ आरंभ |
| सुबह 10:14 – सुबह 11:09 | मंगल | ज़मीन-जायदाद, साहस, खेल; विवाद से बचें |
| सुबह 11:09 – दोपहर 12:04 | सूर्य | सरकारी काम, अधिकारियों से मिलना, नेतृत्व |
| दोपहर 12:04 – दोपहर 12:59 | शुक्र | कला, खरीदारी, संबंध, उत्सव, सौंदर्य |
| दोपहर 12:59 – दोपहर 1:54 | बुध | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, बातचीत, हिसाब-किताब |
| दोपहर 1:54 – दोपहर 2:49 | चंद्र | यात्रा, लोगों से मिलना, घर-परिवार के काम |
| दोपहर 2:49 – दोपहर 3:44 | शनि | मेहनत, मरम्मत, लंबे काम; नए शुभ काम न शुरू करें |
| दोपहर 3:44 – शाम 4:39 | गुरु | धार्मिक काम, पढ़ाई, धन, शुभ आरंभ |
| शाम 4:39 – शाम 5:33 | मंगल | ज़मीन-जायदाद, साहस, खेल; विवाद से बचें |
रात की होरा (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय)
| समय | होरा | किस काम के लिए |
|---|---|---|
| शाम 5:33 – शाम 6:39 | सूर्य | सरकारी काम, अधिकारियों से मिलना, नेतृत्व |
| शाम 6:39 – रात 7:44 | शुक्र | कला, खरीदारी, संबंध, उत्सव, सौंदर्य |
| रात 7:44 – रात 8:49 | बुध | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, बातचीत, हिसाब-किताब |
| रात 8:49 – रात 9:54 | चंद्र | यात्रा, लोगों से मिलना, घर-परिवार के काम |
| रात 9:54 – रात 10:59 | शनि | मेहनत, मरम्मत, लंबे काम; नए शुभ काम न शुरू करें |
| रात 10:59 – रात 12:04 | गुरु | धार्मिक काम, पढ़ाई, धन, शुभ आरंभ |
| रात 12:04 – रात 1:10 | मंगल | ज़मीन-जायदाद, साहस, खेल; विवाद से बचें |
| रात 1:10 – रात 2:15 | सूर्य | सरकारी काम, अधिकारियों से मिलना, नेतृत्व |
| रात 2:15 – रात 3:20 | शुक्र | कला, खरीदारी, संबंध, उत्सव, सौंदर्य |
| रात 3:20 – सुबह 4:25 | बुध | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, बातचीत, हिसाब-किताब |
| सुबह 4:25 – सुबह 5:30 | चंद्र | यात्रा, लोगों से मिलना, घर-परिवार के काम |
| सुबह 5:30 – सुबह 6:35 | शनि | मेहनत, मरम्मत, लंबे काम; नए शुभ काम न शुरू करें |
दिन और रात को 12-12 बराबर होरा में बाँटा गया है, इसलिए होरा की अवधि मौसम के साथ बदलती है। होरा छोटे कामों के लिए देखी जाती है — विवाह, गृह प्रवेश जैसे बड़े काम के लिए पूरा मुहूर्त देखें।
होरा क्या है?
ज्योतिष में होरा समय की एक इकाई है — मोटे तौर पर एक “घंटा”, जिसका स्वामी कोई एक ग्रह होता है। सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय में कुल 24 होराएँ होती हैं: 12 दिन की और 12 रात की। हर होरा पर सात ग्रहों — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि — में से किसी एक का स्वामित्व माना जाता है। इसे ही ग्रह होरा या अंग्रेज़ी में Planetary Hours कहते हैं, और पूरे क्रम को होरा चक्र।
वराहमिहिर ने “होरा” शब्द को “अहोरात्र” (दिन-रात) से बना बताया है — पहला और अंतिम अक्षर हटाने पर “होरा” बचता है। दिलचस्प बात यह है कि ग्रहों के क्रम से घंटों का स्वामित्व तय करने की परंपरा प्राचीन काल में भारत के बाहर भी मिलती है, और सप्ताह के दिनों के नाम इसी व्यवस्था से निकले माने जाते हैं।
होरा कैलकुलेटर होरा की गणना कैसे करता है?
आप भारत और विदेश के लगभग 215 शहरों में से अपना शहर चुनते हैं और तारीख (पहले से आज की होती है)। फिर टूल ये चरण अपनाता है:
- सूर्योदय और सूर्यास्त: उस शहर और तारीख के लिए सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले दिन का सूर्योदय निकाला जाता है।
- दिन की 12 होराएँ: सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 12 बराबर भागों में बाँटा जाता है।
- रात की 12 होराएँ: सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय को भी 12 बराबर भागों में बाँटा जाता है।
- पहली होरा वार के स्वामी की: दिन की पहली होरा उस वार के स्वामी ग्रह की होती है — रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को गुरु, शुक्रवार को शुक्र और शनिवार को शनि।
- आगे का क्रम: इसके बाद होराएँ इस निश्चित क्रम में चलती हैं — सूर्य → शुक्र → बुध → चंद्र → शनि → गुरु → मंगल → फिर सूर्य …
परिणाम में सभी 24 होराओं की तालिका मिलती है, जिसमें समय, ग्रह और उसके लिए परंपरागत रूप से उपयुक्त काम लिखे होते हैं। आज की तारीख होने पर अभी चल रही होरा हाइलाइट होती है। समय उस शहर के स्थानीय समय में दिखता है।
होरा हमेशा 60 मिनट की क्यों नहीं होती?
वैदिक होरा घड़ी के घंटे जैसी स्थिर नहीं होती। गर्मियों में दिन लंबा होता है, इसलिए दिन की हर होरा 60 मिनट से ज़्यादा (उत्तर भारत में जून में लगभग 70 मिनट) और रात की होरा छोटी होती है। सर्दियों में उलटा होता है — दिन की होरा छोटी और रात की लंबी। केवल विषुव के आसपास, जब दिन और रात लगभग बराबर हों, तब हर होरा लगभग एक घंटे की होती है। इसलिए “सुबह 6 से 7 बजे सूर्य की होरा” जैसी स्थिर सूचियाँ अक्सर गलत होती हैं — होरा हमेशा उस दिन के सूर्योदय से गिनी जाती है।
वारों के नाम होरा से कैसे बने?
होरा चक्र का सबसे सुंदर पहलू यह है कि इससे सप्ताह के वारों का क्रम अपने आप निकल आता है। होराओं का क्रम (सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल) ग्रहों की आकाश में गति के क्रम पर आधारित है — सबसे धीमे शनि से सबसे तेज़ चंद्र तक, उलटी दिशा में पढ़ने पर।
अब रविवार लीजिए। पहली होरा सूर्य की है। सात ग्रहों का एक चक्र 7 होराओं में पूरा होता है, तो 1, 8, 15 और 22वीं होरा सूर्य की होगी। 23वीं शुक्र की, 24वीं बुध की — और 25वीं होरा, यानी अगले दिन की पहली होरा, चंद्र की होगी। इसलिए रविवार के बाद सोमवार आता है। इसी तरह सोमवार की 25वीं होरा मंगल की बनती है, इसलिए उसके बाद मंगलवार। यही क्रम पूरे सप्ताह चलता है।
| वार | दिन की पहली होरा | रात की पहली होरा (13वीं) |
|---|---|---|
| रविवार | सूर्य | गुरु |
| सोमवार | चंद्र | शुक्र |
| मंगलवार | मंगल | शनि |
| बुधवार | बुध | सूर्य |
| गुरुवार | गुरु | चंद्र |
| शुक्रवार | शुक्र | मंगल |
| शनिवार | शनि | बुध |
ध्यान दें कि पंचांग में वार सूर्योदय से बदलता है, आधी रात से नहीं। इसलिए रात 2 बजे की होरा भी पिछले वार के होरा चक्र का हिस्सा होती है, और नया चक्र अगले सूर्योदय से शुरू होता है।
किस ग्रह की होरा किस काम के लिए अच्छी मानी जाती है?
नीचे की तालिका परंपरा में प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग ज्योतिषी इसमें थोड़ा अंतर भी बताते हैं।
| होरा | परंपरागत रूप से उपयुक्त काम | किस बात का ध्यान रखें |
|---|---|---|
| सूर्य | सरकारी काम, अधिकारियों से मिलना, आवेदन देना, नेतृत्व से जुड़े काम | अहंकार और टकराव से बचें |
| चंद्र | यात्रा, लोगों से मिलना, घर-परिवार के काम, जल और भोजन से जुड़े काम | भावुक होकर बड़े फ़ैसले न लें |
| मंगल | भूमि-संपत्ति के काम, साहस और मेहनत वाले काम, खेल, व्यायाम | विवाद, बहस और जल्दबाज़ी से बचें |
| बुध | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, हिसाब-किताब, बातचीत, संदेश भेजना | बिना पढ़े कागज़ों पर हस्ताक्षर न करें |
| गुरु | धार्मिक काम, पूजा, सीखना-सिखाना, धन संबंधी काम, शुभ शुरुआत | परंपरा में सबसे शुभ होराओं में गिनी जाती है |
| शुक्र | कला, संगीत, खरीदारी, वस्त्र-आभूषण, रिश्ते, उत्सव | फ़िज़ूलखर्ची से बचें |
| शनि | कड़ी मेहनत, मरम्मत, पुराने काम पूरे करना, लंबी अवधि के काम, सेवा | नए शुभ कार्य की शुरुआत से बचना परंपरा में बताया गया है |
परंपरा में गुरु, शुक्र, बुध और चंद्र की होरा को सामान्यतः सौम्य (शुभ) और सूर्य, मंगल व शनि की होरा को कठोर माना जाता है। पर “कठोर” का अर्थ “बुरा” नहीं है — मेहनत, अनुशासन और साहस वाले कामों के लिए यही होराएँ उपयुक्त बताई जाती हैं।
शुभ होरा कैसे चुनें — व्यावहारिक तरीका
- टूल में अपना शहर और तारीख चुनें।
- तय करें कि काम किस प्रकार का है — जैसे बैंक या निवेश का काम (गुरु), इंटरव्यू या सरकारी दफ़्तर (सूर्य), नई खरीदारी (शुक्र), कोई ईमेल या समझौते की बातचीत (बुध)।
- तालिका में उस ग्रह की होरा का समय देखें। दिन में हर ग्रह की होरा आमतौर पर एक-दो बार आती है।
- उस समय राहु काल न पड़ रहा हो, यह भी देख लें — इसके लिए आज का राहु काल देखें।
- दिन के छोटे-छोटे कामों के लिए चौघड़िया भी प्रचलित है; कई लोग होरा और चौघड़िया दोनों मिलाकर देखते हैं।
एक उदाहरण
मान लीजिए आज गुरुवार है और आप कोई नया कोर्स शुरू करना या बैंक में खाता खोलना चाहते हैं। गुरुवार की पहली होरा गुरु की होती है, इसलिए सूर्योदय के तुरंत बाद का समय स्वाभाविक रूप से उपयुक्त है; गुरु की होरा दोबारा 8वीं होरा के रूप में दोपहर में आती है। अगर उसी दिन आपको कोई ज़रूरी ईमेल भेजना या व्यापार की बात करनी है, तो बुध की होरा देखें। विदेश में हों तो अपना ही शहर चुनें — होरा आपके स्थानीय सूर्योदय से गिनी जाती है, भारत के सूर्योदय से नहीं।
होरा पूर्ण मुहूर्त का विकल्प नहीं है
होरा का उपयोग रोज़ के छोटे कामों के लिए किया जाता है — कोई फ़ोन कॉल, मुलाक़ात, आवेदन, छोटी खरीदारी या यात्रा की शुरुआत। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या वाहन खरीद जैसे बड़े कामों के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, लग्न और कई अन्य बातें देखी जाती हैं; इनके लिए केवल होरा पर्याप्त नहीं है। ऐसे कामों के लिए विवाह मुहूर्त जैसे विस्तृत मुहूर्त पेज या किसी योग्य पंडित की सलाह लें। आज की तिथि, नक्षत्र और योग के लिए आज का पंचांग भी देखें।
होरा से जुड़ी मान्यताएँ और तथ्य
- मान्यता: होरा हमेशा ठीक एक घंटे की होती है। तथ्य: वैदिक होरा दिन या रात की लंबाई का 12वाँ भाग है, इसलिए मौसम के साथ इसकी अवधि बदलती है।
- मान्यता: होरा आधी रात 12 बजे से गिनी जाती है। तथ्य: वैदिक परंपरा में होरा चक्र सूर्योदय से शुरू होता है।
- मान्यता: शनि की होरा में कुछ भी करना अशुभ है। तथ्य: परंपरा में शनि होरा को नई शुभ शुरुआत के लिए टालने की सलाह है, पर मेहनत, मरम्मत और सेवा के कामों के लिए इसे उपयुक्त माना गया है।
- मान्यता: शुभ होरा में काम करने से सफलता पक्की है। तथ्य: होरा एक परंपरागत मार्गदर्शन है। परिणाम आपकी तैयारी, मेहनत और परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।
- मान्यता: पूरे भारत में होरा का समय एक जैसा है। तथ्य: होरा सूर्योदय-सूर्यास्त से बनती है, इसलिए हर शहर में इसका समय अलग होता है।
Hora Calculator — in English
This hora calculator shows today’s planetary hours (aaj ki hora) for about 215 cities in India and abroad. The day from sunrise to sunset and the night from sunset to the next sunrise are each split into 12 equal horas, so a hora is longer or shorter than an hour depending on the season. The first hora of the day belongs to the weekday’s lord, and the sequence then runs Sun, Venus, Mercury, Moon, Saturn, Jupiter, Mars. The tool lists all 24 horas with start and end times, the planet and what each is traditionally suited for, and highlights the hora running now. Switch to English at the top of the page for the full English version.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
आज की होरा कैसे देखें?
ऊपर के होरा कैलकुलेटर में अपना शहर चुनें; तारीख पहले से आज की होती है। सभी 24 होराओं की तालिका समय और ग्रह के साथ दिखेगी, और अभी चल रही होरा हाइलाइट होगी।
aaj ki hora kaun si chal rahi hai?
टूल में अपना शहर चुनें और आज की तारीख रहने दें। जो होरा इस समय चल रही है, वह तालिका में अलग से हाइलाइट दिखती है।
होरा क्या होती है?
होरा समय की एक इकाई है जिसका स्वामी कोई एक ग्रह होता है। सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक 24 होराएँ होती हैं — 12 दिन की और 12 रात की।
होरा की गणना कैसे होती है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 12 बराबर भागों में और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय को भी 12 भागों में बाँटा जाता है। पहली होरा वार के स्वामी की होती है, फिर क्रम सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल चलता है।
होरा चक्र का क्रम क्या है?
होरा चक्र का क्रम है: सूर्य → शुक्र → बुध → चंद्र → शनि → गुरु → मंगल, और फिर दोबारा सूर्य। दिन की पहली होरा उस वार के स्वामी ग्रह से शुरू होती है।
क्या होरा एक घंटे की होती है?
हमेशा नहीं। वैदिक होरा दिन या रात की लंबाई का 12वाँ भाग है, इसलिए गर्मियों में दिन की होरा एक घंटे से लंबी और सर्दियों में छोटी होती है।
shubh hora kaun si hoti hai?
परंपरा में गुरु, शुक्र, बुध और चंद्र की होरा को सौम्य या शुभ माना जाता है, और गुरु होरा को शुभ शुरुआत के लिए विशेष रूप से अच्छा बताया गया है। काम के प्रकार के अनुसार होरा चुनी जाती है।
किस होरा में कौन-सा काम करें?
सूर्य होरा सरकारी काम, चंद्र यात्रा और घर के काम, मंगल संपत्ति व साहस के काम, बुध पढ़ाई-व्यापार, गुरु धार्मिक व धन के काम, शुक्र कला-खरीदारी और शनि मेहनत व मरम्मत के कामों के लिए परंपरा में उपयुक्त मानी जाती है।
शनि की होरा में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा में शनि होरा में नए शुभ कार्य की शुरुआत टालने की सलाह दी जाती है। मेहनत, मरम्मत, पुराने काम पूरे करने और सेवा के लिए यह होरा उपयुक्त मानी गई है।
वारों के नाम होरा से कैसे जुड़े हैं?
किसी दिन की 25वीं होरा अगले दिन की पहली होरा होती है। रविवार को पहली होरा सूर्य की हो तो 25वीं चंद्र की बनती है, इसलिए अगला दिन सोमवार है; यही क्रम पूरे सप्ताह चलता है।
होरा सूर्योदय से गिनी जाती है या आधी रात से?
वैदिक परंपरा में होरा चक्र सूर्योदय से शुरू होता है, क्योंकि पंचांग में वार भी सूर्योदय से बदलता है। इसलिए रात 2 बजे की होरा पिछले वार के चक्र में आती है।
क्या विवाह के लिए केवल होरा देखना काफ़ी है?
नहीं। होरा छोटे दैनिक कामों के लिए है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे बड़े कामों के लिए तिथि, नक्षत्र, लग्न आदि वाला पूर्ण मुहूर्त देखा जाता है।
होरा और चौघड़िया में क्या अंतर है?
होरा दिन-रात को 12-12 भागों में बाँटकर ग्रहों का स्वामित्व बताती है, जबकि चौघड़िया दिन-रात को 8-8 भागों में बाँटता है। कई लोग छोटे कामों के लिए दोनों मिलाकर देखते हैं।
अलग-अलग शहरों में होरा का समय अलग क्यों है?
होरा सूर्योदय और सूर्यास्त से बनती है, जो हर शहर में अलग होते हैं। इसलिए अपना शहर चुनकर ही होरा देखें; विदेश में समय वहीं की स्थानीय घड़ी में दिखेगा।
क्या शुभ होरा में काम करने से सफलता पक्की है?
नहीं। होरा एक परंपरागत मार्गदर्शन है; परिणाम आपकी तैयारी, मेहनत और परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।